Home » बेरमो अनीता देवी हत्याकांड: मुख्य सरगना की गिरफ्तारी और 25 लाख मुआवजे की मांग, अमर बाउरी ने सरकार को घेरा
बोकारो जिले के बेरमो की 4 माह की एक गर्भवती महिला अनीता देवी की निर्मम हत्याकांड को लेकर झारखंड भाजपा के तेवर काफी तल्ख हैं। भारतीय जनता पार्टी इस मामले को लेकर काफी गंभीर है और प्रदेश भाजपा इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध दिख रही है। इसी मामले को लेकर पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय रांची में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा है कि उक्त मामले में भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आनन फानन में पुलिस द्वारा 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो नाकाफी है। राज्य सरकार, स्थानीय डीसी, एसपी, स्थानीय कांग्रेस विधायक के इशारे पर मामले को मैनेज करने का हरसंभव प्रयास किया गया और जब भाजपा ने बोकारो चक्का जाम का अल्टीमेटम दिया तब स्थानीय पुलिस कुछ नामजद लोगों की गिरफ्तारी दिखाकर अपना दामन बचाने का असफल प्रयास कर रही है।
श्री बाउरी ने कहा कि इस मामले में शामिल मुख्य सरगना को अविलंब गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने, इस घटना में शामिल दोषी पुलिस अधिकारी एवं निष्पक्ष पोस्टमार्टम प्रक्रिया को खराब करने, उसमें बाधक बनने वाले मेडिकल कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भाजपा करती है। साथ ही भाजपा ने बोकारो के डीसी, एसपी, स्थानीय थानों की भूमिका की जांच की भी मांग की है। कहा कि यहां के पूरे तंत्र और संगठित गिरोह की जांच होनी चाहिए जो कांग्रेस पार्टी और उनके विधायक के संरक्षण में राज्य सरकार की देख रेख में फल फूल रहा है। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि बीजेपी इस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी है। पार्टी के लोग एक जून को फिर पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने साफ कहा है कि इस लड़ाई को अंजाम तक लेकर जाएंगे और जरूरत पड़ी तो अनुसूचित जाति आयोग को भी लिखित रूप से सूचित किया जाएगा। बाउरी ने कहा कि बोकारो में सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में एक संगठित गिरोह चल रहा है जिसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं। इस गिरोह के लोग गरीबों को मोहरा बनाकर अपनी रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। बेरमो की यह घटना उसी का वीभत्स चेहरा है।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि फुसरो में भुईंया समाज की चार माह की एक गर्भवती महिला की निर्मम हत्या केवल एक महिला भर का हत्या नहीं है बल्कि उसके पेट में पल रहे एक शिशु की हत्या का भी मामला है। हेमंत सरकार में अपराधियों को कैसे संरक्षण मिला हुआ है, यह घटना इसका उदाहरण है। कोयला माफियाओं ने महिला को पहले लोगों के बीच में उनके पति के सामने पीट-पीट कर हत्या कर दी। फिर जो अपराधी हत्या करते हैं वही लोग शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस जाते हैं और मृतका के पति से जबरन हस्ताक्षर कराकर पोस्टमार्टम भी करवा देते हैं। फिर परिजनों पर शव के अंतिम संस्कार का दबाव भी डालते हैं। मानवता को शर्मसार करने वाली यह खबर धीरे-धीरे समाज के बीच फैल जाती है और दिन चढ़ते चढ़ते हजारों लोगों के रूप में जनाक्रोश सड़कों पर उतर जाता है। लोग शव को लेकर सड़क जाम कर देते हैं। भारतीय जनता पार्टी को भी इसकी खबर मिलती है। जिले के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राज, वार्ड पार्षद अर्चना, सांसद ढुल्लू महतो भी घटना स्थल पर पहुंचते हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू खुद लगातार मामले की फोन पर पल पल जानकारी लेते रहे और भावी आंदोलन को लेकर मार्गदर्शन देते रहे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी राज्य के मुख्य सचिव से मामले को लेकर बात करते हैं। बावजूद पुलिस प्रशासन का रवैया काफी दुखद रहा। पुलिस प्रशासन पीड़ित को न्याय दिलाने की बजाय सरकार के इशारों के अनुपालन और मामले को मैनेज करने में जुटा रहा। इतनी बड़ी घटना के बाद, बीजेपी के द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद भी राज्य सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है। अंत में जब प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार अल्टीमेटम दिया गया कि दोषी गिरफ्तार नहीं होते हैं तो बोकारो का चक्का जाम किया जाएगा तो प्रशासन को लगा कि बीजेपी पीछे नहीं हटने वाली है। तब आनन फानन में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिर प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार पार्टी द्वारा चक्का जाम कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि स्थानीय विधायक और कांग्रेस पार्टी दलित के हितैषी होने का दिन भर राग अलापती रहती है लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी कांग्रेस के स्थानीय विधायक वहां झांकने तक नहीं जाते हैं। सच्चाई यह है कि जिन गुर्गो ने घटना को अंजाम दिया है इन लोगों का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। घटना के मुख्य सरगना को बचाने के लिए कांग्रेस विधायक पूरी ताकत से लगे हुए हैं। सरगना को सरकार का संरक्षण भी प्राप्त है। निष्पक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब भी बोकारो प्रशासन के लिए चुनौती है। इसे प्रभावित करने और पीड़ित परिवार को प्रलोभन देने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी ताकत लगाएंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि राज्य के डीसी और एसपी तो मानो राज्य सरकार के बंधुआ मजदूर बन चुके हैं। यहां ये लोग कानून संविधान से नहीं बल्कि अपने सत्ता पक्ष के आकाओं को खुश करने के लिए ही काम करते हैं। बोकारो जिला तो पूरी तरह पंगु बना हुआ है। बोकारो में लगातार इस प्रकार की घटनाएं घट रही है जो दर्शाती है कि यहां के पुलिस प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं और राज्य सरकार के इशारे पर चलते हैं। पिंडराजोरा थाना की घटना इसका उदाहरण है। बाद में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से पूरा का पूरा थाना सस्पेंड हुआ, एसपी हटाए गए, इसके बाद भी पुलिस की कार्यशैली में कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। सरकार के संरक्षण में पुलिस काम कर रही है। चास इलाके में एक घटना घटित होती है तो सरकार के मंत्री इरफान अंसारी अपराधियों के पक्ष में खड़े हो जाते हैं और कहते हैं कि आपके घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार आपके साथ खड़ी है। कहने और बतलाने का तात्पर्य है कि सरकार और उनके तंत्र किस प्रकार काम कर कर रहे हैं। अब ऐसे में सिस्टम पर आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रह पाएगा। इस दौरान प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज एवं एससी मोर्चा के प्रवक्ता राकेश भी प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद थे।
