Home » भाजपा झूठ और अफवाह की राजनीति बंद करे: रिम्स निदेशक के इस्तीफे पर कांग्रेस का पलटवार
रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार के इस्तीफे पर भाजपा के आरोप पूरी तरह से निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित: राकेश सिन्हा
रांची: :राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची के निदेशक डॉ. राजकुमार के इस्तीफे को लेकर झारखंड में सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह हर प्रशासनिक विषय को राजनीतिक रंग दे रही है।
“भाजपा के पास क्या प्रमाण है, उसे सार्वजनिक करे”
प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती देते हुए कहा:
“भाजपा पहले यह स्पष्ट करे कि उनके इन गंभीर आरोपों का आधार क्या है? यदि उनके पास किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या उत्पीड़न के पुख्ता प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर लाएं या सक्षम जांच एजेंसी को सौंपें। केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हवा में झूठे आरोप लगाना भाजपा की पुरानी आदत बन चुकी है।”
दलित कार्ड खेलने पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र का आरोप
कांग्रेस ने दलित हितों का मुद्दा उठाते हुए भाजपा के पिछले शासनकाल की याद दिलाई। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर सबसे अधिक चोट भाजपा की सरकारों के दौरान ही हुई है। आज राजनीतिक लाभ उठाने के लिए दलित अधिकारियों के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहाना भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। झारखंड की जनता भाजपा की इस सोची-समझी साजिश और दुष्प्रचार को अच्छी तरह समझती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की ओर बढ़ रहा है राज्य
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि वे लगातार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण (Strengthening) किया जा रहा है।
आम जनता तक बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
यदि किसी प्रशासनिक स्तर पर कोई मतभेद या विषय उत्पन्न होता है, तो उसके समाधान के लिए संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं मौजूद हैं। भाजपा को बिना तथ्यों के सनसनी फैलाने से बचना चाहिए।
पुरानी बदहाली पर घेरा
कांग्रेस ने भाजपा को आईना दिखाते हुए याद दिलाया कि जब वे सत्ता में थे, तब झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल थी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी, दवाइयों का अभाव तथा सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं थी। आज वही भाजपा नैतिकता का पाठ पढ़ाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद हास्यास्पद है।
मुख्य निष्कर्ष: कांग्रेस ने भाजपा से आग्रह किया है कि वह झूठ, अफवाह और दुष्प्रचार की राजनीति को छोड़कर एक ज़िम्मेदार, तथ्य-आधारित विपक्ष की भूमिका निभाए। लोकतंत्र में केवल सनसनीखेज आरोपों का नहीं, बल्कि प्रमाण और जवाबदेही का महत्व होता है। भाजपा की यह बयानबाजी उसकी केवल राजनीतिक हताशा और निराशा का प्रमाण है।
इस राजनैतिक गतिरोध से जुड़ी जमीनी रिपोर्ट और हटाए जाने के प्रशासनिक घटनाक्रम को समझने के लिए आप रिम्स निदेशक मामले पर ज़ी बिहार झारखंड की वीडियो रिपोर्ट देख सकते हैं, जो इस मुद्दे की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करती है।