👁️ झारखंड में बढ़ेगी अंग प्रत्यारोपण की सुविधा: TMH जमशेदपुर और IRIS रांची समेत 3 अस्पतालों को मिला 5 साल का रजिस्ट्रेशन
रांची: झारखंड में अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण (Organ and Tissue Transplant) सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स (अमेंडमेंट) एक्ट, 2011 के तहत गठित राज्य स्तरीय एडवाइजरी कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य के पांच प्रतिष्ठित अस्पतालों के पंजीकरण (Registration) प्रस्तावों की तकनीकी, बुनियादी और कानूनी मानकों के अनुरूप गहन समीक्षा की गई, जिसके बाद तीन अस्पतालों को अगले 5 वर्षों के लिए प्रत्यारोपण की हरी झंडी दे दी गई।
📊 एडवाइजरी कमेटी का फैसला: किसको मिली अनुमति और किसका प्रस्ताव हुआ खारिज
क्र.सं. |
अस्पताल/संस्थान का नाम |
स्वीकृत सुविधा/अधिकार |
वर्तमान स्थिति |
अवधि |
|---|---|---|---|---|
1. |
टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH), जमशेदपुर |
कॉर्निया ट्रांसप्लांट (Cornea Transplant) |
✅ पंजीकरण स्वीकृत |
5 वर्ष |
2. |
IRIS सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर, रांची |
कॉर्निया ट्रांसप्लांट (Cornea Transplant) |
✅ पंजीकरण स्वीकृत |
5 वर्ष |
3. |
एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमशेदपुर |
कॉर्निया ट्रांसप्लांट + आई बैंक (Eye Bank) संचालन |
✅ पंजीकरण स्वीकृत |
5 वर्ष |
4. |
लोकनायक जयप्रकाश नारायण आई हॉस्पिटल |
– |
❌ मानक पूरे न होने से खारिज |
– |
5. |
कोडरमा रोटरी चैरिटेबल ट्रस्ट |
– |
❌ मानक पूरे न होने से खारिज |
– |
🚫 खारिज होने का कारण: कमेटी ने स्पष्ट किया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण आई हॉस्पिटल और कोडरमा रोटरी चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रस्तावों में निर्धारित नियमों के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन (Trained Staff) एवं आवश्यक मशीन उपकरणों की कमी पाई गई, जिसके कारण इन्हें फिलहाल पंजीकरण नहीं दिया गया।
⚖️ “गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं” — अपर मुख्य सचिव
बैठक के दौरान अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, चिकित्सा अवसंरचना और अधिनियम के कड़े प्रावधानों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने कहा:
”झारखंड सरकार का लक्ष्य राज्य के मरीजों को अंग प्रत्यारोपण के लिए बाहर जाने से रोकना है। राज्य में इन सेवाओं का विस्तार पूरी गुणवत्ता, पारदर्शिता और कड़े कानूनी प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। जिन अस्पतालों को 5 वर्षों का पंजीकरण मिला है, वे मरीजों को समयबद्ध और बेहतर उपचार देना सुनिश्चित करेंगे।”
👥 बैठक में मौजूद रही विशेषज्ञों और न्यायविदों की टीम
इस उच्च स्तरीय तकनीकी बैठक में चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों के साथ-साथ कानूनी और सामाजिक क्षेत्र के कई दिग्गज सदस्य उपस्थित रहे:
-
स्वास्थ्य प्रशासनिक नेतृत्व: निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल एवं उप सचिव श्री ध्रुव प्रसाद।
-
रिम्स (RIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टर: हृदय रोग विभाग के प्राध्यापक डॉ. हेमंत नारायण, नेफ्रोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा पंत घोष और नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार।
-
विधिक एवं सामाजिक विशेषज्ञ: झारखंड उच्च न्यायालय की अधिवक्ता श्रीमती निरूपमा, भीम बिरसा वूमेन्स फाउंडेशन की श्रीमती सरिता पांडेय और सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शिव नारायण सिंह।


















