झारखंड के नाम बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि: स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली में मिला देश का प्रतिष्ठित ‘108वां स्कॉच अवार्ड’, दो अलग-अलग श्रेणियों में जीता गोल्ड
प्रचार वाहन (TIT) नवाचार और सहियाओं के डिजिटल ट्रैकिंग मॉडल को देश ने सराहा; एमटीसी और एसएनसीयू में रेफरल दर 50% बढ़ी
नई दिल्ली/रांची: झारखंड के स्वास्थ्य महकमे ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर राज्य का गौरव बढ़ाया है। देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में आयोजित एक गरिमामयी राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट, पारदर्शी और नवोन्मेषी कार्यों के लिए देश के बेहद प्रतिष्ठित ‘108वें स्कॉच अवार्ड’ (SKOCH Award) की गोल्डन कैटेगरी के अंतर्गत दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया है।
यह गौरवपूर्ण सम्मान प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार प्रो. महेंद्र देव और भारत सरकार के कानून एवं न्याय विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार व स्कॉच अवार्ड के चेयरमैन समीर कोचर द्वारा संयुक्त रूप से एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा की अगुवाई वाली टीम को सौंपा गया।
📊 स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2026: झारखंड को किन दो श्रेणियों में मिला सम्मान?
सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने और ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य तकनीकों को पहुंचाने के लिए झारखंड को मिले इस दोहरे पुरस्कार का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
श्रेणी (Category) |
नवाचार का नाम (Innovation) |
जमीनी प्रभाव और उपलब्धियां (On-Ground Impact) |
|---|---|---|
श्रेणी – 1 |
प्रचार वाहन (TIT) नवाचार एवं ट्रेनिंग |
* राज्य के 24 जिलों में 24 विषयों पर विशेष आईईसी (IEC) प्रचार वाहन 4 महीने तक चलाए गए।* सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में 192 विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर 5,576 कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। |
श्रेणी – 2 |
समेकित HBNC और HBYC कार्यक्रम |
* ग्रामीण स्तर पर सहियाओं और सेविकाओं के संयुक्त प्रयास से एमटीसी (MTC) और एसएनसीयू (SNCU) में रेफरल दर में 50 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई।* शिशु और मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई। |
⚡ ‘सहिया ऐप’ और ‘शिशु पोषण ट्रैकर’ से बदली ग्रामीण स्वास्थ्य की सूरत
समारोह के दौरान झारखंड के डिजिटल मॉडल की देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सराहना की। अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद बताया:
“झारखंड के सुदूर गांवों में आज ‘सहिया ऐप’ और ‘शिशु पोषण ट्रैकर’ के माध्यम से हर नवजात बच्चे और धात्री मां का डेटा डिजिटल रूप से संधारित (Track) किया जा रहा है। इससे हर बच्चे की सटीक निगरानी, समय पर उपचार और नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित हो पा रहा है। इसी जमीनी और तकनीकी त्रिवेणी का परिणाम है कि राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को तेजी से कम करने में हमें बड़ी सफलता मिली है।”
🤝 स्वास्थ्य मंत्री और एसीएस के कुशल मार्गदर्शन को समर्पित की सफलता
इस ऐतिहासिक दोहरी जीत को अभियान निदेशक ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) श्री अजय कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व और विजनरी मार्गदर्शन को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार नए प्रयोग कर रहा है ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों को उनके घर के पास ही न्यूनतम खर्च पर सर्वोत्तम इलाज मिल सके।
🏆 क्या है स्कॉच (SKOCH) अवार्ड और क्यों है यह खास?
विदित हो कि स्कॉच (SKOCH) भारत का एक अग्रणी स्वतंत्र थिंक-टैंक और कंसल्टेंसी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी। यह संस्था देश भर में बेहतर गवर्नेंस, डिजिटल आर्किटेक्चर, वित्तीय समावेशन और सामाजिक-आर्थिक विकास के क्षेत्र में असाधारण कार्य करने वाले मॉडल को चुनती है। इसकी चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कई चरणों की कड़ी समीक्षा के बाद पूरी होती है, जिसके चलते इसे देश का बेहद प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान माना जाता है।
अवार्ड लेने वाली टीम में ये रहे शामिल:
दिल्ली के मंच पर पुरस्कार ग्रहण करने वाली टीम में अभियान निदेशक के साथ आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, अकय मिंज (राज्य कार्यक्रम समन्वयक), अजय कुमार शर्मा (मीडिया परामर्शी), विकाश नाथ (एकजुट) और प्रीतिश नायक (यूनिसेफ) प्रमुख रूप से शामिल थे।




















