Home » रांची में 28 जून से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, 5 लाख से अधिक बच्चों को दी जाएगी ‘दो बूंद जिंदगी की’
Ranchi Pulse Polio 2026: रांची में 28 जून से महाअभियान, 5 लाख से ज्यादा बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक; सिविल सर्जन की अपील
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में नौनिहालों को सुरक्षित रखने के लिए एक बार फिर पल्स पोलियो का महाअभियान शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026 के तहत रांची जिले में आगामी 28, 29 और 30 जून को विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5,05,524 बच्चों को “दो बूंद जिंदगी की” यानी पोलियो की खुराक पिलाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आइए जानते हैं क्या है इस बार का पूरा शेड्यूल और विभाग का एक्शन प्लान।
3 दिन चलेगा अभियान: पहले दिन बूथ, फिर घर-घर दस्तक
रांची के सिविल सर्जन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार अभियान को दो चरणों में पूरा किया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा छूट न पाए:
28 जून 2026 (रविवार): अभियान के पहले दिन रांची जिले भर में बनाए गए निर्धारित पोलियो बूथों पर दवा पिलाई जाएगी।
29 और 30 जून (सोमवार व मंगलवार): जो बच्चे पहले दिन किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक देंगी।
जिले में बनाए गए 3,893 बूथ, सार्वजनिक जगहों पर रहेगी विशेष नजर
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले में 3,893 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। ये बूथ सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर चालू रहेंगे।
इसके अलावा, जो लोग यात्रा कर रहे हैं या बाजारों में हैं, उनके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है:
“रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाट-बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर विशेष ट्रांजिट टीमें तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही, बच्चों को दवा पिलाने के बाद उनकी उंगली पर मार्किंग और घरों के चिन्हांकन (मार्किंग) की प्रक्रिया का सख्ती से पालन होगा।” – डॉ. प्रभात कुमार, सिविल सर्जन, रांची
दिव्यांगता से बचाएगी ‘दो बूंद’: सिविल सर्जन की अपील
सिविल सर्जन ने रांची के सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि पोलियो एक लाइलाज और गंभीर बीमारी है, जो बच्चों में आजीवन दिव्यांगता (अपंगता) का कारण बन सकती है। इससे बचाव का एकमात्र तरीका समय पर पोलियो ड्रॉप्स पिलाना है।
उन्होंने कहा कि जिन भी घरों में 5 वर्ष तक के बच्चे हैं, वे 28 जून को अपने नजदीकी बूथ पर जाकर या फिर सोमवार और मंगलवार को घर आने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।
वेबसाइट पर इस आर्टिकल को और आकर्षक कैसे बनाएं (Formatting Tips):
इन्फोग्राफिक या टेबल: आर्टिकल के बीच में एक छोटा सा हाइलाइट बॉक्स बनाकर ‘3,893 बूथ’ और ‘5,05,524 बच्चे’ जैसे आंकड़ों को बोल्ड और बड़े फॉन्ट में दिखाएं।
लोकल इमेज: इस खबर के साथ रांची सिविल सर्जन कार्यालय की तस्वीर या पल्स पोलियो का कोई पुराना थंबनेल इस्तेमाल करें, जिससे स्थानीय पाठक आकर्षित हों।
कॉल-टू-एक्शन (CTA): आर्टिकल के अंत में पाठकों से कमेंट में पूछ सकते हैं – “क्या आपके इलाके में पोलियो बूथ की जानकारी मिल गई है? हमें नीचे कमेंट में बताएं।”