Home » राम मंदिर दान प्रकरण: सीएम योगी की दोटूक- ‘आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, SIT रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू, दूध का दूध और पानी का पानी होगा’
रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो’: राम मंदिर दान विवाद पर पहली FIR के बाद गरजे सीएम योगी, SIT की रिपोर्ट पर बड़ा एक्शन
देवरिया : श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान सामने आया है। देवरिया में विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलांयास और लोकार्पण के अवसर पर एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि “जन आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त करते हुए दोहराया कि जैसा उन्होंने वादा किया था, सरकार ठीक वैसे ही ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने में जुट गई है और एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट आते ही तुरंत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
भाषण के मुख्य अंश: सीएम योगी के तीखे प्रहार
1. अयोध्या पर आक्षेप बंद करें, मर्यादा सीखें
सीएम योगी ने रामभक्तों और राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा, “मैंने 19 जून को भी अयोध्या दौरे पर कहा था कि अयोध्या भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। इस पर बिना वजह आक्षेप न करें और प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखें।”
2. विपक्ष की मंशा पर उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस और सपा को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज आस्था की दुहाई दे रहे हैं, उनकी मंशा कभी अच्छी नहीं रही। ये वही लोग हैं जिन्होंने न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी करके श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया था और रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं।
3. ‘डबल इंजन’ सरकार ने रोकी डकैती
सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा, “डबल इंजन की सरकार ने जबसे सपा की डकैती रोकी है, तबसे उनकी छटपटाहट बढ़ गई है। जब उन्हें कुछ नहीं मिला, तो वे जन आस्था पर आक्षेप लगाकर अयोध्या को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।”
“प्रमाण हैं तो राजनीति नहीं, SIT का सहयोग करें”
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी के पास पुष्ट प्रमाण हैं, तो वे राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय उसे वरिष्ठ अधिकारियों की टीम (SIT) के सामने प्रस्तुत करें। सरकार एसआईटी की हर एक संस्तुति (सिफारिश) के अनुरूप कार्रवाई को कड़ाई से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने अंत में भावुक और कड़े स्वर में कहा कि भारतीय संस्कृति में रामभक्तों की आस्था सर्वोपरि है। जो भी इस आस्था को ठेस पहुंचाएगा, उसे इसका अंजाम भुगतना ही पड़ेगा।
यदि आप इस मामले में हुई पहली कानूनी कार्रवाई और उत्तर प्रदेश पुलिस की एफआईआर से जुड़ी अन्य वीडियो रिपोर्ट देखना चाहते हैं, तो आप उत्तर प्रदेश मुख्य समाचार पर जाकर इस घटनाक्रम की विस्तृत कानूनी और प्रशासनिक कवरेज देख सकते हैं।
