Home » भाजपा के हाथ में मशाल नहीं, युवाओं का भविष्य जलाने का इतिहास’: आदित्य साहू पर कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा का तीखा हमला
रांची :झारखंड की राजनीति में युवाओं, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयानों पर जोरदार पलटवार किया है। राकेश सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस पार्टी के 10 साल के कार्यकाल में देश का युवा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बेरोजगारी की मार झेलता रहा, वही भाजपा आज छात्रों की सबसे बड़ी हमदर्द बनने का नाटक कर रही है।
“भाजपा के हाथ में मशाल नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य को जलाने का काला इतिहास रहा है। आदित्य साहू को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।”
— राकेश सिन्हा, मीडिया प्रभारी (झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी)
🔥 कांग्रेस का भाजपा से सीधा सवाल
राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस पर सवाल खड़ा करने से पहले उन्हें अपने प्रधानमंत्री और भाजपा शासित राज्यों से जवाब मांगना चाहिए:
बार-बार क्यों लीक हो रहे पेपर? देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी क्यों हो रही है?
2 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ? हर साल युवाओं को दो करोड़ रोजगार देने का वादा छलावा क्यों साबित हुआ?
लाखों पद खाली क्यों? केंद्र सरकार के अधीन लाखों सरकारी पद वर्षों से क्यों खाली पड़े हैं?
🏛️ ‘संसद परिसर में 1 घंटे बैठना मौन उपवास नहीं, राजनीतिक नौटंकी’
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने भाजपा के मौन उपवास को ‘बेशर्मी की पराकाष्ठा’ और ‘राजनीतिक ढोंग’ करार दिया। उन्होंने कहा:
संसद परिसर में एक घंटे बैठने से युवाओं को रोजगार नहीं मिल जाएगा।
अगर भाजपा सांसदों में सचमुच हिम्मत है, तो वे संसद के भीतर केंद्र सरकार से सवाल करें कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
भाजपा को न्याय की चिंता नहीं है; वह सीबीआई जांच के नाम पर सिर्फ लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग और राजनीति करना चाहती है।
⚖️ “जांच और न्याय पर कांग्रेस का रुख साफ”
राकेश सिन्हा ने दोहराया कि कांग्रेस का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। किसी भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिले।
लेकिन भाजपा का चरित्र दोहरा है—जब झारखंड के लिए विशेष पैकेज, नए उद्योग, रोजगार और केंद्रीय रिक्तियों की बात आती है, तब उनके सांसद पूरी तरह मौन साध लेते हैं।
💥 ‘आर-पार की लड़ाई’ अब सच और झूठ के बीच
भाजपा द्वारा घोषित ‘आर-पार की लड़ाई’ पर तंज कसते हुए सिन्हा ने कहा:
एक तरफ भाजपा: जुमले, बेरोजगारी, चुनावी स्टंट और भ्रम फैलाने वाली राजनीति।
दूसरी तरफ कांग्रेस: युवाओं के अधिकारों, सामाजिक न्याय और निष्पक्ष पारदर्शी व्यवस्था का संघर्ष।
“चुनाव आते ही भाजपा को छात्र, युवा, किसान और गरीब याद आने लगते हैं। चुनाव खत्म होते ही जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। लेकिन इस बार झारखंड का युवा झांसे में नहीं आएगा—वह हिसाब मांग रहा है कि ‘रोजगार कहाँ है?'”
🎯 निष्कर्ष: कैमरों के सामने नौटंकी बंद करे भाजपा
अंत में राकेश सिन्हा ने भाजपा नेताओं को सलाह दी कि वे टीवी कैमरों के सामने नौटंकी करने के बजाय पिछले 10 वर्षों के शासन का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाएं। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस इस दुष्प्रचार का हर स्तर पर मुंहतोड़ जवाब देगी और छात्रों के भविष्य पर राजनीति को सफल नहीं होने देगी।