Home » धनबाद भू-धंसान मौतों पर BJP का हमला: प्रतुल शाहदेव बोले— हेमंत सरकार संरक्षित अवैध खनन का भयावह नतीजा
धनबाद भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव
रांची/धनबाद: धनबाद इलाके में एक बार फिर चाल धंसने (भू-धंसान) से हुई मौतों ने झारखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस घटना पर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि धनबाद में अवैध खनन से हो रही मौतें महज एक हादसा नहीं हैं। यह सीधे तौर पर राज्य सरकार द्वारा संरक्षित और पोषित अवैध खनन का भयावह परिणाम है।
हाल ही में धनबाद में हुए भू-धंसान में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शाहदेव ने आरोप लगाया कि पिछले 7 वर्षों के कार्यकाल में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से कई दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार इस पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
‘एक साल बाद फिर दोहराई गई त्रासदी, प्रशासन मूंदे है आंखें’
प्रतुल शाहदेव ने अतीत की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक और चिंताजनक है कि सितंबर 2025 में इसी जगह पर लैंडस्लाइड के कारण सर्विस वैन पलटने से सात कर्मियों की मौत हो चुकी थी। इतने बड़े हादसे के बावजूद सरकार और स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
परिणाम स्वरूप, बंद पड़े प्रोजेक्ट्स में फिर से अवैध खनन का काला कारोबार शुरू हो गया और अब तीन और निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि बंद खदानों में खुलेआम अवैध कोयला खनन कैसे चल रहा है और सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम कहां गायब हैं?
MMDR एक्ट का विरोध क्यों? माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण का आरोप
एमएमडीआर (MMDR) एक्ट के संदर्भ में बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार इस कानून का विरोध केवल इसलिए कर रही है क्योंकि इसमें अवैध खनन के खिलाफ बेहद कड़े प्रावधान हैं। सरकार नहीं चाहती कि खनन माफियाओं पर शिकंजा कसे या सख्त कार्रवाई हो।
शाहदेव ने कहा, “ग्रामीणों की जान की कीमत पर माफिया और उनके राजनीतिक संरक्षक फल-फूल रहे हैं। विशेषज्ञों के आकलन तो यहां तक इशारा कर रहे हैं कि कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयां जितना कोयला उत्पादित नहीं कर रही हैं, उससे कहीं अधिक अवैध खनन के जरिए निकाला जा रहा है।”
उच्च स्तरीय जांच की मांग, दी आंदोलन की चेतावनी
भाजपा ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
धनबाद भू-धंसान घटना की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
अवैध खनन में शामिल दोषी माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक चेहरों पर सख्त कार्रवाई हो।
बंद पड़ी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से पुख्ता किया जाए।
प्रतुल शाहदेव ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार ने अवैध खनन के इस तंत्र पर लगाम नहीं कसी, तो भारतीय जनता पार्टी सड़क पर उतरकर सरकार को पूरी तरह एक्सपोज करेगी और उग्र आंदोलन का रास्ता चुनेगी।