Home » रांची में नेत्र विशेषज्ञों का राष्ट्रीय महासंगम: AIOS की 5वीं मिडटर्म कॉन्फ्रेंस 25 सितंबर से | First Report
झारखंड में चिकित्सा क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन: रांची में 25 सितंबर से जुटेगे देशभर के 1000 से अधिक नेत्र विशेषज्ञ !
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पहली बार नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय महासंगम होने जा रहा है। ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी (AIOS) की 5वीं मिडटर्म राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन 25 से 27 सितंबर तक होटल चाणक्य बीएनआर में किया जाएगा। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 1,000 से अधिक नेत्र विशेषज्ञ, शोधकर्ता, शिक्षाविद एवं युवा चिकित्सक भाग लेंगे।
इस आयोजन के संबंध में गुरुवार को कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के पदाधिकारियों ने सम्मेलन के उद्देश्यों और रूपरेखा की जानकारी दी।
रांची बनेगा राष्ट्रीय अकादमिक एवं वैज्ञानिक केंद्र: डॉ. भारती कश्यप
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. भारती कश्यप ने कहा, “AIOS की 5वीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस का राजधानी रांची में आयोजित होना झारखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह राज्य में नेत्र चिकित्सा का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन है। यह न केवल एक वैज्ञानिक आयोजन है, बल्कि मिड-टियर शहरों तक शिक्षा, शोध और वैज्ञानिक अवसरों में समानता पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रांची को राष्ट्रीय अकादमिक केंद्र के रूप में स्थापित करना और स्थानीय डॉक्टरों को विश्वस्तरीय तकनीकों से जोड़ना है, ताकि झारखंड के मरीजों को अपने ही राज्य में सुरक्षित और आधुनिक नेत्र इलाज मिल सके।
राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी विश्वस्तरीय चिकित्सा: डॉ. बी. पी. कश्यप
ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. बी. पी. कश्यप ने बताया कि यह सम्मेलन झारखंड में नेत्र चिकित्सा के एक नए युग की शुरुआत है। देश के शीर्ष विशेषज्ञों के अनुभवों और आधुनिक तकनीकों का लाभ स्थानीय व युवा डॉक्टरों तक पहुंचेगा, जिससे गंभीर नेत्र रोगों के उपचार में उनकी दक्षता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों ने बताई सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं:
अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीक: डॉ. प्रीतेश प्रणॉय ने बताया कि सम्मेलन में जटिल नेत्र विकारों और अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीकों पर गहन चर्चा होगी, जिससे स्थानीय डॉक्टरों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
युवा डॉक्टरों के लिए शैक्षणिक मंच: डॉ. निलेंदु मिश्रा के अनुसार, पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों और उभरते डॉक्टरों के लिए विशेष केस डिस्कशन और वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे।
AI और आधुनिक तकनीक से जुड़ाव: डॉ. सुजेत समंता ने कहा कि नेत्र विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत डायग्नोस्टिक्स और लेजर तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष जोर रहेगा, जिससे राज्य में अंधापन निवारण अभियान को नई दिशा मिलेगी।
25 सितंबर को होगा भव्य उद्घाटन
तीन दिवसीय इस सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन 25 सितंबर को शाम 6:00 बजे होटल चाणक्य बीएनआर के उत्सव हॉल में होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, विशिष्ट अतिथि के रूप में IMA प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ. दीपक धर चौधरी एवं स्वास्थ्य सचिव डॉ. अजय कुमार सिंह शिरकत करेंगे।