Home » पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती: झारखंड भाजपा ने मनाया अंत्योदय दिवस, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
रांची में झारखंड भाजपा ने मनाई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती, अंत्योदय दिवस के रूप में दी भावभीनी श्रद्धांजलि
“दीनदयाल जी का जीवन गरीब और वंचितों के उत्थान को समर्पित रहा, पीएम मोदी उनके सपनों को कर रहे साकार” — आदित्य साहू
रांची। महान राष्ट्रवादी विचारक और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पूरे श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देशभर की भांति झारखंड में भी उनकी जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंडित जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों और आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
जयंती के अवसर पर प्रदेश भाजपा कार्यालय और पंडित दीनदयाल नगर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया।
आदित्य साहू: “अंतिम व्यक्ति के विकास के लिए समर्पित था पंडित जी का जीवन”
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा,
“पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का पूरा जीवन समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित रहा। वे हमेशा विकास के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के उत्थान हेतु प्रयासरत रहे।”
उन्होंने आगे कहा कि आज देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है, जो पंडित जी के विचारों को धरातल पर उतार रहे हैं। केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा विकास के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और शोषित वर्ग तक पहुंच रहा है।
बाबूलाल मरांडी: “राष्ट्र प्रथम और उच्च नैतिक मूल्यों के प्रतीक थे दीनदयाल जी”
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पंडित जी के त्याग और सेवा भाव को याद करते हुए कहा,
“राष्ट्र प्रथम के आदर्शों और उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और सेवा से परिपूर्ण था। वे एकात्म मानववाद और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का मंत्र देने वाले महान विचारक थे।”
उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका संकल्प आज भी हमें जनसेवा और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कर्मवीर सिंह: “विपरित परिस्थितियों के बावजूद देश को दिखाई नई दिशा”
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बावजूद पंडित जी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का लोहा पूरे देश में मनवाया।
1937 में संघ से जुड़ाव: वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और अपना जीवन मां भारती के चरणों में समर्पित कर दिया।
राष्ट्रभक्ति का अलख: उन्होंने ‘राष्ट्रधर्म’ और ‘पांचजन्य’ जैसी पत्रिकाओं की शुरुआत कर देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई।
जातिवाद से परे: वे हमेशा संकुचित मानसिकता और जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रनिर्माण में लगे रहे।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, महामंत्री गणेश मिश्रा, मनोज सिंह, अमर कुमार बाउरी, रांची के विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, अमरदीप यादव, सुनीता सिंह, शालिनी बैसिखियार, कार्यालय मंत्री हेमंत दास, सूरज चौरसिया, मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, उपमेयर नीरज कुमार, शोभा यादव, केके गुप्ता, वरुण साहू, सुनील साहू, निशि जायसवाल, अमरनाथ चौधरी, राजेंद्र शाही मुंडा, रोमित नारायण, राकेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।