Home » लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा सातवां वेतन! बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का बड़ा वादा | Bihar News
लोकसभा चुनाव के पहले सातवां वेतन लागू करने का प्रयास करूंगा: बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर
पटना / बांकीपुर: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा बयान देकर प्रदेश की सियासत में नया हलचल पैदा कर दिया है। प्रशांत किशोर ने ऐलान किया है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव से पहले राज्य के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतनमान (7th Pay Commission) लागू कराने का हर संभव प्रयास करेंगे।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा/बैठक के दौरान संवाददाताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से बात करते हुए विधायक प्रशांत किशोर ने कहा कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों का हक उन्हें मिलना ही चाहिए।
कर्मचारियों के अधिकार के लिए सरकार पर बनाएंगे दबाव
विधायक प्रशांत किशोर ने कहा,
“कर्मचारी राज्य की व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। जब तक उन्हें उनका उचित हक नहीं मिलेगा, तब तक बेहतर शासन और विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारी प्राथमिकता है कि आगामी लोकसभा चुनाव के आयोजन से पहले ही कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन लागू कराया जाए। इसके लिए हम सड़क से लेकर सदन तक सरकार पर दबाव बनाएंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार अक्सर वादों और बैठकों के नाम पर समय टालती रहती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
बांकीपुर के विकास और जनता के वादों पर जोर
उल्लेखनीय है कि बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत के बाद से प्रशांत किशोर लगातार अपने क्षेत्र की जनता और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक वर्गों से जुड़ रहे हैं। रोजगार, शिक्षा और सरकारी कर्मचारियों के बकाये भत्तों एवं वेतनमान का मुद्दा उठाकर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि उनकी राजनीति सीधे जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।
सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। एक तरफ जहां कर्मचारी संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जनप्रतिनिधियों के दबाव से उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकती है; वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक विश्लेषक इसे लोकसभा चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों को साधने की एक मजबूत रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बांकीपुर विधायक के इस प्रयास का असर सरकार के फैसलों पर कितना पड़ता है और क्या लोकसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को सातवें वेतन का तोहफा मिल पाता है या नहीं।