Home » DFC Delegation Jharkhand Visit: झारखण्ड के खनिज क्षेत्र में अमेरिका करेगा बड़ा निवेश? DFC प्रतिनिधिमंडल ने की अहम बैठक
झारखण्ड के खनिज और औद्योगिक क्षेत्र में अमेरिकी निवेश की तैयारी: US DFC के प्रतिनिधिमंडल ने राँची में की उच्चस्तरीय बैठक !
राँची : झारखण्ड की समृद्ध खनिज संपदा और औद्योगिक नीतियों ने एक बार फिर वैश्विक निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यू.एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (DFC) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज राँची में झारखण्ड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals), खनिज अन्वेषण (Mineral Exploration), प्रोसेसिंग और खनिज-आधारित उद्योगों में निवेश के अवसरों का आकलन करना था।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और झारखण्ड सरकार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे:
श्री जतिन बत्रा – क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक (दक्षिण एशिया), DFC
सुश्री करिश्मा रोहरा – बिजनेस डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट, DFC
श्री अरवा राजकमल (IAS) – सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग तथा उद्योग विभाग
श्री राहुल कुमार सिन्हा (IAS) – निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग
श्री विशाल सागर (IAS) – निदेशक, उद्योग विभाग
बैठक के मुख्य बिंदु एवं चर्चा के विषय
“झारखण्ड सरकार राज्य के खनिज संसाधनों के पारदर्शी, उत्तरदायी और सतत् विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
क्रिटिकल मिनरल्स और वैल्यू एडिशन: राज्य में उपलब्ध समृद्ध खनिज संपदा का वैज्ञानिक एवं सतत् खनन (Sustainable Mining) और वैल्यू एडिशन (Value Addition) पर विशेष जोर दिया गया।
निवेश-अनुकूल नीतियाँ: DFC प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन नीति तथा Ease of Doing Business के तहत किए गए नीतिगत सुधारों की जानकारी दी गई।
डाउनस्ट्रीम उद्योगों का विकास: खनिज प्रसंस्करण और डाउनस्ट्रीम उद्योगों (Downstream Industries) के विस्तार के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
DFC ने की झारखण्ड की नीतियों की सराहना
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड में उपलब्ध प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों, पारदर्शी व्यवस्था और राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीतियों की सराहना की। DFC ने राज्य के खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग और साझेदारी की दिशा में गहरी रुचि दिखाई है।
दोनों पक्षों ने प्रचलित कानूनी प्रावधानों और नीतियों के दायरे में रहकर भविष्य में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति व्यक्त की।
निष्कर्ष
इस बैठक से यह स्पष्ट है कि झारखण्ड अब केवल कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि खनिज-आधारित औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास के एक नए युग की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। DFC जैसी वैश्विक संस्था की रुचि से आने वाले दिनों में राज्य में बड़े विदेशी निवेश का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।