Home » पीएम मोदी का लाल किले से संदेश: 40 देशों से FTA के बाद भारतीय MSMEs के लिए वैश्विक बाजार में सुनहरा मौका
लाल किले से पीएम मोदी की अपील: “40 देशों से हुए FTA, वैश्विक बाजार पर छा जाने का यही सही समय”
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बदलती वैश्विक छवि और मजबूत होती अर्थव्यवस्था का खाका खींचा। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया के मंच पर एक ऐसे राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, जिसे वैश्विक स्तर पर व्यापक स्वीकार्यता और सम्मान मिल रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने देश के MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र से एक खास अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इस नए दौर का लाभ उठाने का आह्वान किया।
भारत की ताकत: स्थिर सरकार, जीवंत लोकतंत्र और मजबूत संविधान
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज दुनिया भारत की आंतरिक शक्तियों को पहचान रही है:
स्थिर राजनीतिक जनादेश: देश में एक मजबूत और स्थिर सरकार है, जो नीतियां लागू करने में सक्षम है।
जीवंत लोकतंत्र: भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए एक मिसाल पेश करता है।
मजबूत न्यायपालिका और संविधान: हमारा संविधान देश का मार्गदर्शन करता है और एक पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करता है।
“दुनिया ने हमारी इन खूबियों को पहचानना शुरू कर दिया है। इसी का परिणाम है कि 2014 के बाद से भारत ने दुनिया भर के लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।”
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
MSME क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर: ‘मौका हाथ से न जाने दें’
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये समझौते भारतीय उद्योग के लिए व्यापार के नए और विशाल दरवाजे खोलते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से देश के छोटे और मध्यम उद्यमियों (MSMEs) को संबोधित करते हुए कहा:
वैश्विक बाजार तक पहुँच: भारतीय उद्यमियों को अब वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप काम करना होगा।
प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान: टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग), मशीनरी और फार्मास्यूटिकल्स (दवा उद्योग) जैसे क्षेत्रों में भारत की जबरदस्त क्षमता है।
गुणवत्ता पर जोर: भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा ताकि हम इस अवसर को भुना सकें।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री का यह संदेश स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल घरेलू खपत का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का एक मुख्य स्तंभ बनने की दिशा में अग्रसर है। 40 से अधिक देशों के साथ हुए व्यापारिक समझौते देश के विनिर्माण (Manufacturing) और निर्यात क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।