Home » जेपीएससी धांधली और पेपर लीक पर भड़के रघुवर दास: बोले- नैतिक साहस है तो झारखंड सरकार से समर्थन वापस ले कांग्रेस
🔴 बड़ी ख़बर: जेपीएससी धांधली और पेपर लीक पर बीजेपी का बड़ा हमला !
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने रांची स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस और हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला।
🎯 रघुवर दास के मुख्य प्रहार (Key Highlights):
🛑 कांग्रेस से समर्थन वापसी की मांग: अगर कांग्रेस में जरा सी भी नैतिकता और छात्रों की चिंता बची है, तो वह तत्काल झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस ले।
🤫 राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल: नीट (NEET) मामले पर देश भर में छाती पीटने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी झारखंड में युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर चुप क्यों हैं?
🔍 14वीं JPSC धांधली की CBI जांच: उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड एजेंसी (TDPL) को JPSC का काम सौंपने की मेहरबानी की गहन सीबीआई जांच हो।
💰 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की दौड़ में जान गंवाने वाले 19 युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
🚫 धांधली में झारखंड नंबर-1: राज्य में एक साथ 9 प्रतियोगी परीक्षाओं को स्थगित करने का शर्मनाक रिकॉर्ड बना है।
🚨 “गिरेबान में झांके विपक्षी दल, सियासी नौटंकी बंद करे कांग्रेस”
रघुवर दास ने कहा कि आज वंशवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दल नीट के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, लेकिन झारखंड के लाखों छात्रों के दर्द पर उनकी जुबान बंद है।
“राहुल गांधी भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती पर आएं, झारखंड के युवाओं से माफी मांगें और उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में मारे गए 19 आदिवासी-मूलवासी युवाओं को श्रद्धांजलि देकर उनके परिवारों को हक दिलाएं।”
— रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री
🏢 ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को क्यों मिला JPSC का ठेका?
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 14वीं JPSC PT परीक्षा के लिए टीडीपीएल (TDPL) नामक एक ऐसी प्राइवेट एजेंसी को वन-टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर रिजल्ट प्रोसेसिंग तक का काम दिया गया, जो उत्तर प्रदेश में पहले से ब्लैकलिस्टेड थी। इतना ही नहीं, 2025 में JSSC ने खुद इसे झारखंड में ब्लैकलिस्ट किया था। इसके बावजूद JPSC ने इसे काम क्यों सौंपा? इस पूरे तंत्र की निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए।
⚖️ केंद्र का सख्त कानून बनाम राज्य सरकार का ढुलमुल रवैया
रघुवर दास ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना करते हुए कहा:
कड़ा कानून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट में पेपर लीक रोकने के लिए 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट: दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की गई है।
पारदर्शिता: जून 2026 में नीट यूजी की परीक्षा दोबारा कराकर पारदर्शी नतीजे जारी किए गए, जिससे छात्र संतुष्ट हैं।
इसके विपरीत, झारखंड सरकार मामले पर पर्दा डालकर दोषियों को बचाने में लगी हुई है।
🎓 छात्रों से शांति की अपील
रघुवर दास ने राज्य के सभी परीक्षार्थियों और युवाओं से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आएं। युवा अपनी शिक्षा और करियर को प्राथमिकता दें और अपनी मांगों को पूर्णत: लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखें।
इस प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह भी मौजूद रहे।