Home » झारखंड: 18 वर्ष के युवाओं को वोटर लिस्ट से जोड़ने में लाएं तेजी, Chief Electoral Officer के. रवि कुमार के कड़े निर्देश !
15 सितम्बर तक ही जमा होंगे फॉर्म-6: 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं को वोटर लिस्ट से जोड़ने का काम तेज करें— के. रवि कुमार !
रांची : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने रांची, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह और धनबाद के DEO के साथ की विशेष समीक्षा। 6,722 पोलिंग बूथों पर शून्य फॉर्म-6 प्राप्त होने पर जताई गहरी चिंता।
रांची। 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे नए और युवा भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए झारखंड निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा-पत्र के जरिए नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण में तेजी लाने को कहा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत 5 अगस्त 2026 को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट पब्लिश किया जा चुका है। इसके बाद से ऑनलाइन (ECINET) और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
फॉर्म-6 आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने के लिए 15 सितम्बर 2026 तक ही फॉर्म-6 स्वीकार किए जाएंगे।
विधानसभा आम चुनाव 2024 के बाद से अब तक बीते लगभग दो वर्षों में राज्य में हर साल औसतन 4% मतदाताओं का स्थानांतरण (migration) हुआ है। इस हिसाब से प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 60 फॉर्म-6 प्राप्त होने का अनुमान था। ऐसे में नए मतदाताओं के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीर मामला माना गया है।
5 बड़े जिलों के 6,722 मतदान केंद्रों पर शून्य आवेदन
समीक्षा के दौरान पाया गया कि राज्य में 6,722 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहाँ अब तक एक भी फॉर्म-6 जमा नहीं हुआ है। इनमें राज्य के 5 बड़े जिलों की स्थिति चिंताजनक है:
रांची: 1,209 मतदान केंद्रों पर शून्य फॉर्म-6
पलामू: 592 मतदान केंद्रों पर शून्य फॉर्म-6
हजारीबाग: 572 मतदान केंद्रों पर शून्य फॉर्म-6
गिरिडीह: 416 मतदान केंद्रों पर शून्य फॉर्म-6
धनबाद: 392 मतदान केंद्रों पर शून्य फॉर्म-6
इसके अतिरिक्त, मात्र 1 से 5 आवेदन प्राप्त करने वाले मतदान केंद्रों की संख्या धनबाद (1,243), गिरिडीह (1,072), रांची (981), पलामू (936) और हजारीबाग (814) में सबसे अधिक पाई गई।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: ‘होम-टू-रोल’ और स्पेशल कैंप
श्री के. रवि कुमार ने संबंधित जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को तुरंत स्थिति की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं:
बीएलओ (BLO) का घर-घर सत्यापन: ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन अभियान के दौरान बीएलओ हर घर जाकर सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए।
स्कूलों-कॉलेजों में विशेष अभियान: शैक्षणिक संस्थानों में अभियान चलाकर युवाओं को ECINET पोर्टल और ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए।
समयबद्ध डिजिटाइजेशन: प्राप्त सभी फॉर्म-6 और घोषणा-पत्रों का बिना देर किए डिजिटाइजेशन और निस्तारण किया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अंत में दोहराया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत तैयार यह वोटर लिस्ट भविष्य के संदर्भ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थायी दस्तावेज (Permanent Document) होती है, इसलिए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।