Home » झारखंड: अवैध शराब पर कसेगा शिकंजा, उत्पाद विभाग में होंगी बंपर भर्तियां; CM हेमंत सोरेन ने दिए सख्त निर्देश
अवैध शराब पर पूर्ण बैन, बंपर बहाली और नई नीतियां: CM हेमंत सोरेन का उत्पाद विभाग को कड़ा निर्देश !
रांची (झारखंड मंत्रालय): मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (Excise & Prohibition Department) के कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में विभागीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद सहित राज्य के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, बिक्री और तस्करी पर हर हाल में कड़ा अंकुश लगाया जाए। सीएम ने कहा कि अवैध शराब न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान करती है, बल्कि आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है।
📊 राजस्व संग्रह में रिकॉर्ड प्रदर्शन
बैठक में अधिकारियों ने विभाग की वित्तीय प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया:
वित्तीय वर्ष 2025-26: निर्धारित ₹3,885.11 करोड़ के लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए विभाग ने ₹4,013.53 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27: विभाग के लिए ₹4,500 करोड़ का लक्ष्य तय किया गया है।
वर्तमान स्थिति (जुलाई 2026 तक): विभाग अब तक ₹1,376 करोड़ (वार्षिक लक्ष्य का 30.57%) राजस्व वसूल चुका है।
🚨 मुख्यमंत्री द्वारा जारी प्रमुख निर्देश
1. JSSC के माध्यम से रिक्तियों को तुरंत भरें
विभाग में सभी रिक्त पदों पर पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।
पर्याप्त मानवबल मिलने से प्रशासनिक कार्यों और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अपडेट: JSSC के माध्यम से चयनित 583 उत्पाद सिपाहियों (Excise Constables) को जल्द नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
2. शराब परिवहन वाहनों की हाई-टेक निगरानी
मदिरा परिवहन में लगे सभी वाहनों में GPS ट्रैकिंग और डिजिटल (DG) लॉक अनिवार्य किया जाएगा।
इससे गाड़ियों के रूट, स्टॉपेज और गंतव्य की रियल-टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी और तस्करी/अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
3. स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता
विभिन्न जिलों में बनने वाले उत्पाद विभाग के गोदाम निर्माण कार्यों में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता और सहयोग देने का निर्देश।
इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
4. नई ‘मदिरा विनिर्माण नीति’ और स्पिरिट अध्ययन
राज्य में नई मदिरा विनिर्माण नीति (Liquor Manufacturing Policy) और औद्योगिक अल्कोहल के विनियमन के लिए नीति गठित की जाएगी।
पॉपुलर ब्रांड्स की सहज उपलब्धता के लिए लेबल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
राज्य में स्पिरिट के औद्योगिक उपयोग और भविष्य की मांग का व्यापक अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया।
👥 समीक्षा बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव श्री अमिताभ कौशल, उत्पाद आयुक्त श्री संदीप सिंह, JSBCL के MD श्री नीरज कुमार सिंह और संयुक्त उत्पाद आयुक्त श्री गजेंद्र कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे।