Home » झारखंड कैम्पा की पहली गवर्निंग बॉडी बैठक: CM हेमन्त सोरेन का बड़ा निर्देश – ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बने ठोस एक्शन प्लान’
रांची (झारखंड मंत्रालय): झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में प्रतिकरात्मक वनरोपण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) – राज्य प्राधिकरण की शासी निकाय (Governing Body) की पहला ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान राज्य में प्रतिपूरक वनीकरण, वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ी योजनाओं की उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि “कैम्पा की योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इनका सीधा सकारात्मक प्रभाव वन क्षेत्रों और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में दिखना चाहिए।”
मुख्य बिंदु: CM हेमन्त सोरेन के 5 बड़े निर्देश
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम: हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक इफेक्टिव (प्रभावी) एक्शन प्लान तैयार किया जाए।
हाथी कॉरिडोर की सूक्ष्म मैपिंग: राज्य के सभी एलीफेंट कॉरिडोर की मैपिंग कर डिमार्केशन किया जाए, ताकि उनके पारंपरिक आवागमन में कोई बाधा न आए।
विकास और संरक्षण में संतुलन: खनन या सड़क निर्माण के दौरान वन्यजीवों के आवास प्रभावित न हों। संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कें बनाने के लिए ‘एलिवेटेड रोड’ जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग हो।
बहुउपयोगी वनीकरण: जंगलों में ऐसे पौधे लगाए जाएं जो मानव और वन्यजीव दोनों के लिए उपयोगी हों। विशेष रूप से औषधीय पौधे और हाथियों के पसंदीदा खाद्य प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएं।
मृदा एवं जल संरक्षण: पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार जल संवर्धन और मृदा-संरक्षण की योजनाएं बनाई जाएं।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा वन विभाग: थर्मल-इंफ्रारेड कैमरे और अलर्ट हूटर
बैठक में वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए हाई-टेक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है:
थर्मल और इंफ्रारेड कैमरे: रामगढ़, बोकारो और चाकुलिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में टावर पर इंफ्रारेड व थर्मल कैमरे लगाए जा रहे हैं।
ऑटोमैटिक हूटर अलर्ट: हाथियों की आवाजाही की पहचान होते ही स्थानीय टावर से हूटर बजाकर तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा।
रियल टाइम मैसेजिंग: संवेदनशील गांवों के ग्रामीणों के मोबाइल नंबर रजिस्टर किए जा रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी की जानकारी रियल-टाइम SMS के ज़रिए सीधे ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों तक पहुंचेगी।
बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, PCCF (HoFF) संजीव कुमार, वन एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी०, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, ग्रामीण विकास सचिव मनोज कुमार, PCCF वाइल्डलाइफ रवि रंजन समेत कई विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।