Home » झारखंड कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला: 3,260 राजनीतिक दलों के जरिए ₹10,000 करोड़ के टैक्स खेल पर क्यों है चुप्पी?
15 लाख तो आए नहीं, अब देश में ही काला धन सफेद करने का खेल जारी’: 3,260 फर्जी दलों के टैक्स मामले पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) से जुड़े कथित टैक्स चोरी के मामलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विदेशों से काला धन वापस लाने के वादे को ‘जुमला’ बताते हुए आरोप लगाया कि अब देश के भीतर ही काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा है।
विदेशों से 15 लाख नहीं आए, देश में नया रास्ता तैयार हुआ?
राकेश सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को विदेशों में जमा काला धन वापस लाकर हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये देने का सपना दिखाया था। न विदेशों से 15 लाख रुपये आए और न ही काला धन वापस आया। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या भाजपा शासन में देश के भीतर ही काले धन को सफेद करने का नया रास्ता तैयार कर दिया गया है?
उन्होंने कहा कि यदि 3,260 RUPPs के जरिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आया है, तो मोदी सरकार को देश के सामने जवाब देना होगा कि इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
“आम आदमी को नोटिस, हजारों करोड़ के खेल पर चुप्पी क्यों?”
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि आम आदमी की छोटी-सी टैक्स गलती पर तुरंत नोटिस भेजने वाली सरकार हजारों करोड़ रुपये के कथित टैक्स खेल पर चुप क्यों है? उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए उसके बैंक खातों को फ्रीज करने और भारी-भरकम टैक्स नोटिस देने में केंद्र सरकार ने पूरी ताकत लगा दी थी। लेकिन जब हजारों करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी से जुड़े राजनीतिक दलों का मामला सामने आता है, तो कार्रवाई की रफ्तार अचानक धीमी क्यों पड़ जाती है? क्या भाजपा के लिए देश में कानून अलग है और विपक्ष के लिए अलग?
कांग्रेस ने सरकार के सामने रखे ये 6 सीधे सवाल:
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि अगर सरकार के पास कार्रवाई करने के पर्याप्त आधार हैं, तो वह पारदर्शी तरीके से देश को बताए:
₹10,000 करोड़ से अधिक की कथित टैक्स चोरी में अब तक कितनी वसूली हुई?
कितने मामलों में जांच पूरी हो चुकी है?
कितने जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं?
कितने राजनीतिक दलों की मान्यता या पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई हुई?
क्या किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति या संगठन से इन दलों का संबंध सामने आया है?
यदि सरकार के पास कोई ठोस कार्रवाई नहीं है, तो उसकी असल वजह क्या है?
‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के नारे पर तंज
राकेश सिन्हा ने भाजपा के ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि जनता अब पूछ रही है कि अगर हजारों करोड़ रुपये के कथित टैक्स खेल का मामला सामने आया है, तो ‘खाने वालों’ तक कानून का हाथ क्यों नहीं पहुंच रहा?
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हर तरह के काले धन और टैक्स चोरी के खिलाफ है। लेकिन कानून का इस्तेमाल केवल चुनिंदा राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए और कथित आर्थिक अपराधों पर आंखें बंद करने के लिए नहीं होना चाहिए। यह केवल टैक्स चोरी का मामला नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक और चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
अंतिम सवाल: इस नेटवर्क का असली लाभार्थी कौन?
राकेश सिन्हा ने भाजपा से सीधा सवाल पूछते हुए कहा, “3,260 कथित फर्जी राजनीतिक दलों का यह नेटवर्क आखिर किसके संरक्षण में फलता-फूलता रहा? हजारों करोड़ के कथित टैक्स खेल का असली लाभार्थी कौन है? और अगर सरकार कार्रवाई से नहीं डरती, तो जांच के नाम पर इतनी चुप्पी क्यों?”
उन्होंने कहा कि देश अब भाषण नहीं, हिसाब मांग रहा है। काले धन पर उपदेश देने वाली मोदी सरकार पहले यह बताए कि देश के भीतर चल रहे काले धन के इस कथित नेटवर्क पर उसकी कार्रवाई कहां है।