Home » झारखंड कौशल विकास योजना में बड़ा घोटाला ? BJP का सरकार पर 55 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप
झारखंड: स्किल डेवलपमेंट योजना में ₹55 करोड़ का ‘खेल’? BJP ने सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप
ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को नियम ताक पर रखकर भुगतान करने का दावा; भाजपा प्रवक्ता अजय शाह ने की हाई लेवल न्यायिक जांच की मांग।
रांची: झारखंड में स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) योजना को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सरकार पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी का दावा है कि जिन कंपनियों को फर्जी बैंक गारंटी देने के मामले में ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) किया गया था, उन्हें नियमों के विपरीत जाकर 55 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान कर दिया गया।
रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने इस पूरे मामले को उजागर करते हुए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
🔍 क्या है पूरा मामला? (BJP के मुख्य आरोप)
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अजय शाह ने सिलसिलेवार तरीके से विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए:
अगस्त 2024 में हुई थी कार्रवाई: स्किल डेवलपमेंट विभाग ने अगस्त 2024 में फर्जी बैंक गारंटी जमा करने के आरोप में कई डिफॉल्टर कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया था। इसके साथ ही इन कंपनियों को दी गई राशि की वसूली का भी आदेश जारी हुआ था।
नए निदेशक आते ही बदला फैसला: बीजेपी का आरोप है कि इसके कुछ ही समय बाद जैसे ही विभाग में नए मिशन निदेशक (Mission Director) ने कार्यभार संभाला, इन ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर मेहरबानी दिखाई गई। नियमों को ताक पर रखकर उन्हें न सिर्फ ब्लैकलिस्ट से हटाया गया, बल्कि करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
भुगतान के बाद फिर किया ब्लैकलिस्ट: मामले में नया मोड़ तब आया जब भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इन्हीं कंपनियों को फिर से ब्लैकलिस्ट की सूची में डाल दिया गया। बीजेपी ने इसे सोची-समझी साजिश और सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता करार दिया है।
”जब फर्जी बैंक गारंटी के इसी तरह के मामले में सीनियर आईएएस अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, तो स्किल डेवलपमेंट विभाग के तत्कालीन और वर्तमान जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं होनी चाहिए? इस पूरे मामले की हाई लेवल न्यायिक जांच होनी जरूरी है।”
— अजय शाह, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी झारखंड
🚨 अगस्त 2026 से फिर भुगतान की तैयारी?
बीजेपी ने प्रेस वार्ता में एक और बड़ा दावा करते हुए सरकार को घेरा है। अजय शाह ने कहा कि पार्टी के पास ऐसी जानकारियां हैं कि अगस्त 2026 से इन दागी कंपनियों को फिर से नया भुगतान करने की गुपचुप तैयारी चल रही है। बीजेपी ने हेमंत सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस संदिग्ध भुगतान प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, अन्यथा पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
इस प्रेस वार्ता के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अब देखना यह है कि बीजेपी के इन तीखे हमलों और 55 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों पर झारखंड सरकार और संबंधित विभाग की तरफ से क्या सफाई सामने आती है।