Home » रांची में यूथ कांग्रेस की ‘छात्रों की गूंज’ मैराथन; कन्हैया कुमार और उदय भानु चिब ने बढ़ाया युवाओं का जोश
रांची: देश भर में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए आज झारखंड की राजधानी रांची में युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भारतीय युवा कांग्रेस (Youth Congress) द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से एक विशाल मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया।

इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य लगातार हो रहे पेपर लीक से आहत लाखों मेहनती छात्रों के हक में आवाज़ उठाना और देश में एक निष्पक्ष, पारदर्शी व विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की मांग करना था।
🏃♂️ युवाओं के जोश को मिला दिग्गजों का साथ
मैराथन में हिस्सा लेने पहुंचे हजारों विद्यार्थियों और धावकों का उत्साहवर्धन करने के लिए कांग्रेस के कई कद्दावर नेता और पदाधिकारी जमीन पर उतरे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी व तेजतर्रार युवा नेता श्री कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़ लगाई और उनका हौसला बढ़ाया।
“लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने देश के लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य और उनके भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। युवाओं की इस दबी हुई आवाज़ को ताकत देने और उनके सुरक्षित कल के लिए यह मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन है।”
👥 कार्यक्रम में इन वरिष्ठ नेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक स्टूडेंट्स मैराथन में युवाओं को संबल देने के लिए मंच पर राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
श्री सुबोध कांत सहाय (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
श्री राजेश कच्छप (माननीय विधायक एवं उपनेता)
श्री विक्सल कोंगाड़ी (माननीय विधायक)
इसके साथ ही इंडियन नेशनल कांग्रेस और झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सैकड़ों समर्पित कार्यकर्ता इस अभियान को सफल बनाने के लिए उपस्थित रहे।
🎯 पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था ही एकमात्र विकल्प
बापू वाटिका से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस 5 किलोमीटर की मैराथन ने यह साफ संदेश दे दिया है कि देश का युवा अब अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। नेताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक सरकार छात्रों को एक सुरक्षित, निष्पक्ष और लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली का भरोसा नहीं देती, तब तक सड़क से लेकर संसद तक ‘छात्रों की गूंज’ इसी तरह गूंजती रहेगी।
