Home » झारखंड में सियासी घमासान: BJP का कांग्रेस पर हमला — “EC और सुप्रीम कोर्ट को बदनाम कर रही है कांग्रेस, संविधान नहीं परिवारवाद बचाने की कोशिश”
EC और सुप्रीम कोर्ट को बदनाम कर रही कांग्रेस, संविधान नहीं परिवारवाद बचाने की हो रही कोशिश: भाजपा !
रांची: झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कांग्रेस पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग, भारत के संविधान और उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करके देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
“कांग्रेस पहले अपने अंदर झांक कर देखे”
भाजपा प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि जो कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, उसे सबसे पहले अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए।
उन्होंने भारतीय संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा:
“भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 (Article 324) चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव कराने की संपूर्ण शक्तियां और अधिकार प्रदान करता है। वहीं, अनुच्छेद 226 (Article 226) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) यह स्पष्ट करते हैं कि केवल भारत के वैध नागरिक ही मतदान करने के पात्र हैं।”
अजय शाह ने आगे स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत चुनाव आयोग को एसआईआर (SIR – Voter Registration/Verification Power) का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
“संविधान की आड़ में परिवारवाद बचाने का अंतिम प्रयास”
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल न तो देश के संविधान को मानते हैं, न एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया को स्वीकार करते हैं और न ही सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों पर विश्वास रखते हैं।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को खारिज करने के बावजूद विपक्षी दल “संविधान बचाओ” का ढोंग रच रहे हैं। असलियत यह है कि यह संविधान का बचाव नहीं है, बल्कि लगातार गर्त में जा रही उनकी परिवारवाद की राजनीति को बचाने की एक अंतिम छटपटाहट है।
“सड़क पर गुंडागर्दी की भाषा और ‘वोट चोरी’ का झूठा शोर”
अजय शाह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
संवैधानिक संस्थाओं का अपमान: अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख विपक्ष कभी चुनाव आयोग, कभी एसआईआर प्रेक्षकों और अब देश की सर्वोच्च अदालत को बदनाम करने में जुट गया है।
चुनावी राजनीति से पलायन: भारत की जनता द्वारा पूरी तरह से नकारे जाने के बाद ये दल अब चुनावी राजनीति छोड़कर सड़कों पर गुंडागर्दी और अमर्यादित भाषा का सहारा लेकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं।
वोट चोरी का झूठा नारा: देश की जनता ने जिन राजनीतिक ‘चोरों’ को पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया है, वे ही आज हताश होकर ‘वोट चोरी’ का झूठा शोर मचा रहे हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि देश और झारखंड की जनता अब इन हथकंडों को भली-भांति समझ चुकी है और इनके इस बहकावे में आने वाली नहीं है।