Home » झारखंड में ‘विधि पोर्टल 2.0’ लॉन्च: सरकारी मुकदमों का होगा डिजिटल प्रबंधन
🚀 झारखंड में ‘विधि पोर्टल 2.0’ की शुरुआत: सरकारी मुकदमों के डिजिटल प्रबंधन को मिलेगी नई रफ्तार !
रांची : झारखंड सरकार ने राज्य में डिजिटल सुशासन (Digital Governance) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए ‘विधि पोर्टल 2.0’ (Vidhi Portal 2.0) का भव्य शुभारंभ किया है। झारखंड उच्च न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान राज्य के महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने इस अत्याधुनिक पोर्टल का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर आईटी सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, विधि विभाग के सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, वरीय एएजी श्री अच्युत केशव सहित राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
💡 पारदर्शी और जवाबदेह शासन की ओर बड़ा कदम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विकसित यह पोर्टल सरकारी मुकदमों (Government Court Cases) के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने कहा:
“यह पोर्टल राज्य में न्यायालयीन प्रकरणों के बेहतर प्रबंधन और अदालतों में सरकार की ओर से प्रभावी व समयबद्ध पैरवी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।”
🔗 एकीकृत मंच पर जुड़ेंगे सभी विभाग
‘विधि पोर्टल 2.0’ के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों, विधि विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय और सरकारी अधिवक्ताओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।
🌟 पोर्टल की मुख्य विशेषताएं (Key Features):
⏱️ रियल-टाइम मॉनिटरिंग: केस की स्थिति पर पल-पल की नज़र।
🔔 स्वचालित अलर्ट: सुनवाई और तारीखों के लिए ऑटोमैटिक नोटिफिकेशन्स।
📊 स्मार्ट वर्कफ्लो & एग्जीक्यूटिव डैशबोर्ड: अधिकारियों के लिए त्वरित समीक्षा और विश्लेषण की सुविधा।
📱 20+ नई सुविधाएं और AI तकनीक का एकीकरण
पोर्टल के इस नए संस्करण को अत्यधिक एडवांस बनाया गया है। इसमें 20 से अधिक नए फीचर्स जोड़े गए हैं:
e-Courts एकीकरण: ई-कोर्ट्स प्रणाली के साथ सीधा जुड़ाव।
स्मार्ट कॉज़ लिस्ट & केस डाइजेस्ट: दैनिक और साप्ताहिक केस समरी।
केंद्रीकृत नोटिस प्रबंधन: सभी कानूनी नोटिसों का एक ही जगह से संचालन।
मोबाइल ऐप: ऑन-द-गो एक्सेसिबिलिटी।
भविष्य की तैयारी (AI Integration): आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कानूनी विश्लेषण को भी जोड़ने की योजना है।
🛠️ अधिकारियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
आईटी सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने इसे तकनीक आधारित पारदर्शी शासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और उपयोगकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से विशेष प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा, ताकि इसकी क्षमताओं का शत-प्रतिशत लाभ उठाया जा सके।