Home » झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026: शहरी क्षेत्रों में 18 और 20 जुलाई को विशेष शिविर, जानें किसे जाना है और किसे नहीं
झारखंड: मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए शहरी क्षेत्रों में 18 और 20 जुलाई को विशेष शिविर, CEO के. रवि कुमार की बड़ी अपील !
राँची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की प्रगति रिपोर्ट साझा की। राज्य में अब तक 96.68% मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुँचाया जा चुका है, वहीं 50.60% मतदाताओं के फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ मतदाता समय पर अपने फॉर्म जमा कर रहे हैं, वहीं शहरी और युवा मतदाताओं की कम भागीदारी पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चिंता जताई है। इसी को देखते हुए 18 और 20 जुलाई 2026 को सभी शहरी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर (Special Camps) लगाए जा रहे हैं।
अभियान का मुख्य संकल्प:
“कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे न! कोई अपात्र व्यक्ति जुड़े न!”
📅 विशेष शिविर (Special Camps) की पूरी गाइडलाइन: कब, कहाँ और किसे जाना है?
शहरी क्षेत्रों में बार-बार पलायन, घर पर बीएलओ (BLO) से संपर्क न हो पाने और युवाओं के उच्च शिक्षा/रोजगार के लिए बाहर रहने के कारण आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग ने यह कदम उठाया है।
विवरणमहत्वपूर्ण जानकारी
शिविर की तिथियां18 जुलाई (शनिवार) और 20 जुलाई (सोमवार), 2026
समयसुबह 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक
स्थानराज्य के सभी शहरी मतदान केंद्र (Urban Polling Stations)
🤔 इस शिविर में किसे जाना है और किसे नहीं?
इन्हें ज़रूर जाना है (Who Should Attend): जिन शहरी मतदाताओं को अभी तक अपना SIR गणना प्रपत्र (Enumeration Form) नहीं मिला है या जिन्होंने फॉर्म तो ले लिया है लेकिन जमा नहीं किया है। वे यहाँ आकर तुरंत फॉर्म लेकर भरकर जमा कर सकते हैं।
इन्हें जाने की आवश्यकता नहीं है (Who Can Skip): जिन मतदाताओं ने अपना प्रपत्र पहले ही अपने बीएलओ (BLO) के पास जमा कर दिया है या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर चुके हैं।
⚠️ गलत जानकारी देने पर होगी जेल: निर्वाचन आयोग की सख्त चेतावनी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो लोग विदेशी नागरिकता ले चुके हैं या भारतीय नागरिकता त्याग चुके हैं, वे बिना फॉर्म भरे या बिना हस्ताक्षर किए उसे तुरंत बीएलओ को लौटा दें।
कानूनी चेतावनी: इन्यूमरेशन फॉर्म में जानबूझकर गलत घोषणा करना या गलत हस्ताक्षर करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🚀 आगे का मुख्य लक्ष्य
राज्य निर्वाचन आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि झारखंड को एक शुद्ध, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची मिले। अगर आप भी शहरी क्षेत्र के मतदाता हैं और अब तक आपका फॉर्म जमा नहीं हुआ है, तो आने वाले 18 और 20 जुलाई को अपने नजदीकी बूथ पर जाकर इस अभियान का हिस्सा बनें।