Home » झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6 विधानसभा क्षेत्रों में 100% इन्यूमरेशन फॉर्म वितरण, सीईओ के. रवि कुमार ने दिए कड़े निर्देश
झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6 विधानसभा क्षेत्रों में 100% फॉर्म वितरण, CEO के. रवि कुमार ने कहा- घर-घर जाएं BLO, कैंप लगाना अवैध !
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में उन्होंने काम में तेजी लाने और पारदर्शिता बरतने के कड़े निर्देश दिए।
इन 6 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ 100% कार्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य के छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बीएलओ (BLO) द्वारा 100% मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके लिए उन्होंने स्थानीय बीएलओ, ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) को बधाई दी। ये क्षेत्र हैं:
27 चतरा
53 मझगांव
55 मनोहरपुर
56 चक्रधरपुर
68 गुमला
72 लोहरदग्गा
CEO ने निर्देश दिया कि राज्य के बाकी सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी गुरुवार तक 100% मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे इस फॉर्म में अपनी सही जानकारी भरकर और हस्ताक्षर करके जल्द से जल्द बीएलओ को सौंपें ताकि डिजिटाइजेशन का काम समय पर पूरा हो सके।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, “एक भी पात्र नागरिक न छूटे”
समीक्षा बैठक के दौरान के. रवि कुमार ने जिलावार कार्यों की समीक्षा की और साफ लहजे में कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या सिर्फ खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मूल मंत्र: “सभी अधिकारी इस मूल लक्ष्य के साथ धरातल पर कार्य करें कि ‘एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे, और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े।'”
BLO के लिए सख्त गाइडलाइंस: कैंप लगाने पर पूरी तरह रोक
विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी शिकायतों और स्टेकहोल्डर्स से मिले फीडबैक पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बीएलओ के लिए अनिवार्य गाइडलाइंस जारी कीं:
घर-घर जाना अनिवार्य: भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, बीएलओ का यह कर्तव्य है कि वे अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर ही फॉर्म का वितरण और संग्रहण (Collection) करें।
कैंप लगाने की अनुमति नहीं: बीएलओ किसी भी परिस्थिति में कहीं एक जगह कैंप लगाकर या मतदाताओं को बुलाकर फॉर्म का सत्यापन (Verification) नहीं कर सकते। उन्हें मतदाताओं के दरवाजे तक पहुंचना ही होगा।
बाहरी संस्थाओं के कैंप अवैध: कुछ अनधिकृत संस्थानों, साइबर कैफे और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा इस संबंध में कैंप लगाए जाने के मामलों पर सीईओ ने गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यालय ने ऐसे किसी भी कैंप की अनुमति नहीं दी है और ऐसा कोई भी प्रयास पूरी तरह से अवैध माना जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में निर्वाचन सदन से अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल श्री देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर एवं अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। वहीं, सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO), उप निर्वाचन पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।