Home » झारखंड में शिक्षा क्रांति: BIT सिंदरी बनेगी यूनिवर्सिटी, 15 दिनों में चालू होगा विश्वविद्यालय सेवा आयोग
झारखंड में शिक्षा क्रांति: ‘माइनिंग से माइंड’ की ओर बढ़ेगा राज्य, BIT सिंदरी बनेगी यूनिवर्सिटी; सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला !
रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने के लिए कमर कस ली है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि “झारखंड को माइनिंग (खनन) से माइंड (मेधा) की ओर ले जाने में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”

बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुदिव्य कुमार और मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान राज्य के युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
🚀 बैठक के 5 सबसे बड़े और महत्वपूर्ण फैसले
BIT सिंदरी बनेगी नई Unitary University: बी.आई.टी. सिंदरी को अपग्रेड कर एकात्मक विश्वविद्यालय (Unitary University) बनाया जाएगा। सीएम ने इसके लिए जल्द विधेयक तैयार करने और इसके तकनीकी ट्रांसफॉर्मेशन का डिजिटल प्रेजेंटेशन बनाने का निर्देश दिया है।
झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग 15 दिनों में होगा लाइव: राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को अगले 15 दिनों के भीतर पूरी तरह कार्यरत करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी होगी सक्रिय: युवाओं को रोजगारपरक और बेहतर कोचिंग की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 15 दिनों के भीतर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को सक्रिय किया जाएगा।
9 जिलों में बनेंगे ‘तकनीकी शिक्षा क्लस्टर’: राज्य के 9 चिन्हित जिलों—पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर बनाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है।
PPP मोड पर CBT सेंटर्स: राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) सेंटर्स पीपीपी (PPP) मोड पर स्थापित किए जाएंगे।
💳 गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: “पैसे के अभाव में नहीं छूटेगी पढ़ाई”
मुख्यमंत्री ने ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम’ (GSCC) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कल्याण विभाग से तालमेल बिठाकर ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका लाभ देने का निर्देश दिया।
योजना की वर्तमान प्रगति:
अब तक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को ऋण देने की सहमति मिली है, जिसमें से 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपये का लोन बैंकों द्वारा बांटा जा चुका है। खास बात यह है कि इस एजुकेशन लोन की शत-प्रतिशत गारंटी राज्य सरकार दे रही है। दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को भी इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना बनेगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति और मानकी मुंडा छात्रवृत्ति जैसी अन्य स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ भी तेजी से छात्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
💻 नई शिक्षा नीति और आधुनिक कोर्सेज: IIT-NIT की तर्ज पर चलेंगे कॉलेज
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से राज्य के विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में इसकी शुरुआत झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और BBMK धनबाद से की जा रही है।
IIT/NIT की तर्ज पर बदलेंगे पॉलिटेक्निक कॉलेज:
सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (JIT) के रूप में विकसित किया जाएगा।
राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) के रूप में बदला जाएगा।
इन संस्थानों को चलाने के लिए IIT की तर्ज पर नई सरकारी सोसाइटी और ‘काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस’ का गठन होगा।
नए जमाने के कोर्सेज: युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए इन कॉलेजों में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक कोर्स शुरू होंगे।
🛠️ अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
JUPMI की जिम्मेदारी बदली: झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (JUPMI) अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन होगा। यहाँ बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग और एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे कोर्स शुरू होंगे।
अल्टरनेटिव फाइनेंसिंग: उच्च शिक्षा के विकास के लिए अगले 3 महीनों के भीतर वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों (Alternate Financial Sources) को चिन्हित करने का लक्ष्य दिया गया है।
झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल: राज्य में पहली बार तकनीकी छात्रों के लिए ‘Jharkhand Robotics Festival’ की शुरुआत की गई है, जिससे युवाओं को AI और रोबोटिक्स की आधुनिक समझ मिलेगी।
यूनिवर्सिटी हॉस्टल्स का कायाकल्प: राज्य के विश्वविद्यालयों में खाली पदों को भरने के लिए नए पोस्ट स्वीकृत करने और छात्रवासों (Hostels) की स्थिति सुधारने के लिए उन्हें PPP मोड पर ले जाने की बात कही गई है।
