Home » झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक, कांग्रेस ने उठाए अहम मुद्दे
झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की बैठक में कांग्रेस ने उठाया ‘नाना-नानी मैपिंग’ का मुद्दा; 22 जुलाई को हटेगा फर्जी नाम !
रांची: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR 2026) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के साथ राजनीतिक दलों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस ने मुख्य रूप से भाग लिया और राज्य के मतदाताओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को आयोग के सामने प्रमुखता से रखा। बैठक में कांग्रेस की ओर से प्रदेश महासचिव सूर्यकांत शुक्ला और प्रदेश महासचिव सह मीडिया संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव शामिल हुए।
हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में ‘नाना-नानी’ के नाम पर मैपिंग का मुद्दा
कांग्रेस नेता सूर्यकांत शुक्ला ने बताया कि पार्टी ने हजारीबाग सदर विधानसभा के विशेषकर नगर निगम क्षेत्र का मुद्दा आयोग के सामने प्रमुखता से उठाया।
क्या थी समस्या?
वहां वोटरों की मैपिंग के दौरान ‘नाना-नानी’ के नाम का विकल्प नहीं दिया जा रहा था। इस पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) का कहना था कि उन्हें उपायुक्त (DC) कार्यालय से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का बड़ा फैसला:
इस शिकायत पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि नाना-नानी के नाम से भी मैपिंग बिल्कुल होगी। उन्होंने कांग्रेस से ऐसे प्रभावित मतदान केंद्रों की सूची मांगी है, ताकि वे सीधे संबंधित बीएलओ को निर्देश देकर इस तकनीकी समस्या को तुरंत दूर करा सकें।
🔴 आज सभी बूथों पर लगेगी ‘चुनाव पाठशाला’, इन 6 श्रेणियों के वोटरों पर गिरेगी गाज
कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत आज सरकारी BLO और राजनीतिक दलों के BLA-2 की एक बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक होने जा रही है। इस बैठक में मुख्य रूप से ASDD (Absent, Shifted, Duplicate, Dead) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले मतदाताओं की पहचान पर चर्चा होगी।
वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध करने के लिए इन 6 श्रेणियों के संदिग्ध मतदाताओं के नामों की जांच की जाएगी:
👥 डबल नाम: जिनके नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं।
🪦 मृत मतदाता: जिन वोटरों की मृत्यु हो चुकी है।
🗺️ स्थायी रूप से शिफ्टेड: जो हमेशा के लिए दूसरी जगह जाकर बस चुके हैं।
🔍 लापता वोटर: जिनका दिए गए पते पर कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
✈️ विदेशी नागरिकता: जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ली है।
🚫 गैर-भारतीय नागरिक: जो भारत के नागरिक नहीं हैं लेकिन यहाँ रह रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण चर्चा और वेरिफिकेशन के बाद, इन वोटरों के नाम हटाने या उनमें सुधार करने पर अंतिम फैसला 22 जुलाई को लिया जाएगा।
⏳ कांग्रेस की मांग: समय सीमा 15 दिन और बढ़ाई जाए
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से एक बार फिर पुरजोर मांग की है कि यदि तय समय में यह काम पूरा नहीं हो पाता है, तो इस प्रक्रिया की समय सीमा को 15 दिन और आगे बढ़ाया जाए। पार्टी का मुख्य उद्देश्य यह है कि जल्दबाजी के चक्कर में किसी भी वैध और योग्य मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से न छूटने पाए।
जनता से अपील:
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने आम जनता और मतदाताओं से अपील की है कि जिन्हें अब तक इन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) नहीं मिला है या जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है, वे तुरंत अपने-अपने बूथों पर जाएं। वहां तैनात बीएलओ से मिलकर अपनी समस्याओं को दर्ज कराएं ताकि समय रहते उनका समाधान हो सके।