Home » झारखंड: दिल्ली में ₹99,639 करोड़ का निवेश ‘रीपैकेजिंग’ नहीं, प्रशासनिक अज्ञानता दिखा रही BJP: कांग्रेस
दिल्ली में ₹99,639 करोड़ का निवेश ‘रीपैकेजिंग’ नहीं; हेमंत सोरेन सरकार के ऐतिहासिक कदम से BJP के पेट में दर्द: कांग्रेस !
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और राज्य के विकास में रोड़ा अटकाने वाली राजनीति करार दिया है।
शाहदेव ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड को औद्योगिक हब बनाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है, जिससे घबराकर भाजपा अनर्गल बयानबाजी कर रही है।
📌 मुख्य बातें (Key Highlights):
निवेश की सच्चाई: दावोस और यूके यात्रा के प्रस्तावों को दिल्ली में औपचारिक एमओयू (MoU) के जरिए धरातल पर उतारा गया।
रोजगार का वादा: ₹99,639 करोड़ के निवेश से लाखों स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार।
नियमों का पालन: जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट में केंद्र के नियमों और 2025 के शांति एक्ट के प्रावधानों का पूरा ध्यान रखा गया है।
पुरानी सरकार पर तंज: यह रघुवर दास के समय की ‘मोमेंटम झारखंड’ वाली सरकार नहीं है, जहां हाथी उड़ाने के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए।
निवेश की एक तय प्रक्रिया होती है, यह ‘रीपैकेजिंग’ नहीं
कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने स्पष्ट किया कि दावोस और यूके की यात्राओं के दौरान केवल निवेश के प्रस्ताव और इच्छा पत्र (Intent of Investment) आए थे। दिल्ली में जो हुआ, वह उन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए औपचारिक एमओयू और निवेश की पक्की प्रतिबद्धता है।
“किसी भी औद्योगिक निवेश की एक तय प्रक्रिया होती है। भाजपा इसे रीपैकेजिंग कहकर सिर्फ अपनी प्रशासनिक और नीतिगत अज्ञानता का परिचय दे रही है।”
— लाल किशोर नाथ शाहदेव, महासचिव, झारखंड कांग्रेस
सालाना 2 करोड़ नौकरियों का वादा भूली केंद्र सरकार
भाजपा पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए शाहदेव ने तंज कसा कि केंद्र की भाजपा सरकार सालाना दो करोड़ नौकरियों के अपने वादे को पूरी तरह भूल चुकी है। अब जब हेमंत सोरेन सरकार दिल्ली में 99,639 करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारकर लाखों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोल रही है, तो भाजपा को पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा कभी नहीं चाहती कि झारखंड आत्मनिर्भर बने।
जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट पर तकनीकी पेंच फंसाना बंद करे BJP
जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सभी नियमों और 2025 के शांति एक्ट के प्रावधानों के तहत ही पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। निजी निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाकर झारखंड को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की यह एक बड़ी और ईमानदार कोशिश है। भाजपा को राज्य के विकास में सहयोग करने के बजाय तकनीकी पेंच फंसाकर डराने की राजनीति बंद करनी चाहिए।
‘मोमेंटम झारखंड’ की तरह हाथी उड़ाने वाली सरकार नहीं है यह!
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने रघुवर दास के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा:
यह सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की तरह ‘मोमेंटम झारखंड’ वाली सरकार नहीं है, जहां सिर्फ कागजों पर काम हुआ, हाथी उड़ाने के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए और जमीन पर एक भी उद्योग नहीं लगा।
हेमंत सोरेन सरकार पूरी पारदर्शिता से जमीन आवंटित करने और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने का काम कर रही है।
सबसे खास बात यह है कि इस निवेश में स्थानीय नीति के तहत 75% नौकरियां स्थानीय युवाओं को देने की अनिवार्य शर्त जोड़ी गई है, ताकि राज्य के हक और हुकूक की रक्षा हो सके।