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झारखंड शराब घोटाला: ED कार्यालय पहुंचे पूर्व वित्त मंत्री के बेटे रोहित उरांव, शुरू हुई तीखे सवालों की बौछार
रांची : झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। दूसरे समन के बाद, झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव आज रांची स्थित ED के जोनल कार्यालय पहुंच चुके हैं। जहां केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी मनी लाउंड्रिंग के पहलुओं को लेकर उनसे सघन पूछताछ कर रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले 29 जून को हुई पहली पेशी में रोहित उरांव शामिल नहीं हुए थे और उन्होंने कागजात जुटाने के लिए 3 सप्ताह का समय मांगा था। हालांकि, ईडी ने उन्हें सिर्फ एक हफ्ते की मोहलत देते हुए 6 जुलाई को दोबारा पेश होने का कड़ा निर्देश दिया था।
🚨 मुख्य बिंदु: जो इस खबर को बनाते हैं बड़ा (Breaking Highlights)
* रोहित के ठिकानों से मिले थे लाखों रुपये: अगस्त 2023 में जब ईडी ने रामेश्वर उरांव और शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी के 36 ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब रोहित उरांव के ठिकाने से ₹20 से ₹30 लाख की नकदी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे।
छत्तीसगढ़ कनेक्शन पर संशय: जांच एजेंसी को शक है कि रोहित उरांव ने छत्तीसगढ़ की कुछ शराब कंपनियों को झारखंड के टेंडरों में एंट्री दिलाने और बैकडोर सिंडिकेट चलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
* कल पूर्व मंत्री की बारी: इसी मामले में रोहित के पिता और पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को भी कल (7 जुलाई) ईडी के समक्ष पेश होना है।
🔍 ED के रडार पर क्यों आई ‘एक्साइज पॉलिसी’?
ED मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रही है कि झारखंड की उत्पाद नीति (Excise Policy 2022) के लागू होने के दौरान क्या वित्तीय गड़बड़ियां की गईं।
जांच का मुख्य बिंदुईडी का शक / आरोप
फाइल पर यू-टर्नरामेश्वर उरांव के वित्त मंत्री रहते हुए विभाग ने पहले नई नीति पर कई आपत्तियां जताई थीं, लेकिन बाद में अचानक उसे मंजूरी दे दी गई। ईडी जानना चाहती है कि क्या यह फैसला किसी सिंडिकेट के दबाव में लिया गया?
अवैध सिंडिकेट राजशराब माफिया योगेंद्र तिवारी के जरिए पूरे राज्य के थोक शराब लाइसेंसों को कुछ चुनिंदा कंपनियों के हाथों में सौंपने की साजिश की गई।
डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांसफरप्रेम प्रकाश और रोहित उरांव के बीच हुए संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शंस के डिजिटल साक्ष्य ईडी के हाथ लगे हैं।
🛑 क्या जेल जा सकते हैं बड़े चेहरे?
एंटी-भ्रष्टाचार ब्यूरो (ACB) की FIR को टेकओवर करने के बाद ED इस मामले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे समेत कई बड़े अधिकारियों और नेताओं पर शिकंजा कस चुकी है। रोहित उरांव से आज होने वाली पूछताछ के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे झारखंड के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।