Home » खेलगांव शूटिंग रेंज की बदहाली पर भड़के सीएम हेमंत सोरेन, दिए आधुनिकीकरण के निर्देश
रांची खेलगांव शूटिंग रेंज की बदहाली पर भड़के CM हेमंत सोरेन, बोले- खिलाड़ियों को देंगे विश्वस्तरीय सुविधाएं, खुद भी साधा निशाना !
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची के खेलगांव स्थित टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शूटिंग रेंज की जर्जर और बदहाल स्थिति को देखकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

”झारखंड खेल प्रतिभाओं की धरती है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के उभरते खिलाड़ियों को जब तक विश्वस्तरीय संसाधन नहीं मिलेंगे, तब तक वे वैश्विक स्तर पर चमक नहीं पाएंगे। इस शूटिंग रेंज का कायाकल्प कर इसे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का बनाया जाएगा।”
— श्री हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
🔍 निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने परिसर का बारीकी से मुआयना किया और निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर असंतोष व्यक्त किया:
रखरखाव में कमी: 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर शूटिंग रेंज की आधारभूत संरचनाओं की स्थिति खराब पाई गई।
सुरक्षा मानक: खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए।
आधुनिक उपकरणों का अभाव: रेंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के लिए जरूरी आधुनिक संसाधनों की कमी पर चिंता जताई।
इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विभागीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
🔥 सीएम सोरेन ने खुद राइफल थामकर साधा निशाना
निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने खुद शूटिंग राइफल हाथ में ली और अचूक निशाना साधा। इसके बाद उन्होंने वहां अभ्यास कर रहे युवा खिलाड़ियों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
🛠️ अधिकारियों को मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को एक टाइम-बाउंड (समयबद्ध) कार्ययोजना बनाकर काम शुरू करने का आदेश दिया:
इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण: शूटिंग रेंज की कमियों को तुरंत दूर कर इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाए।
फायर सेफ्टी और सुरक्षा दुरुस्त हो: परिसर में लगे फायर इक्सटिंग्विशर और फायर हाइड्रेंट की समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाए। साथ ही, पूरे परिसर की निगरानी के लिए CCTV व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जाए।

दीर्घकालिक रणनीति: ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभावान शूटर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण और बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, खेलकूद विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
