Home » JPSC Result: जेपीएससी पर भाजपा के आरोप बेबुनियाद, युवाओं को भ्रमित करना बंद करे- कांग्रेस
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) के परिणामों को लेकर सूबे में सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा नतीजों पर उठाए गए सवालों पर अब झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने कड़ा पलटवार किया है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम करार दिया है।
🚨 “कागज लहराने के बजाय कोर्ट या सक्षम मंच पर जाएं”
ऋषीकेश सिंह ने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि केवल मीडिया में सनसनी फैलाने से कुछ नहीं होगा।
“अगर भाजपा के पास जेपीएससी परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई ठोस प्रमाण है, तो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ कागज लहराने के बजाय सक्षम संवैधानिक या न्यायिक मंच पर प्रस्तुत करना चाहिए। बिना किसी सबूत के लाखों अभ्यर्थियों के बीच भ्रम फैलाना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”
— ऋषीकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि क्या भाजपा यह चाहती है कि हर वह परीक्षा रद्द कर दी जाए जिसका परिणाम उसकी राजनीतिक इच्छा के अनुरूप न हो?
💼 रोजगार को लेकर महागठबंधन सरकार की प्रतिबद्धता
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से सालों से लटकी भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आई है।
नियमित परीक्षाएँ: JPSC और JSSC के माध्यम से अब लगातार परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
इन विभागों में नियुक्तियां: शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस प्रशासन, सहायक आचार्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, तकनीकी, ऊर्जा, राजस्व, उत्पाद, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे विभागों में या तो नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं या प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
युवाओं का भरोसा: आज झारखंड का युवा सड़कों पर आंदोलन करने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है, जो पारदर्शी व्यवस्था पर उनके भरोसे को दिखाता है।
⚠️ “पेपर लीक कराने वाले हमें नैतिकता न सिखाएं”
भाजपा शासित राज्यों पर निशाना साधते हुए ऋषीकेश सिंह ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक और भर्ती घोटालों का रिकॉर्ड भाजपा सरकारों के नाम है। ऐसे में भाजपा को झारखंड के युवाओं को गुमराह करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “झारखंड के युवाओं को अफवाह नहीं, अवसर चाहिए।” महागठबंधन सरकार युवाओं की अपनी सरकार है और वह उन्हें रोजगार के अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।