Home » झारखंड शराब घोटाला: ED के सामने पेश नहीं हुए रोहित उरांव, पत्र लिख मांगा और समय
रांची: झारखंड के बहुचर्चित और करोड़ों रुपये के शराब घोटाला मामले (Jharkhand Liquor Scam) में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव आज (सोमवार) प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, रोहित उरांव ने ईडी को एक पत्र भेजकर सूचित किया है कि वे निर्धारित तिथि पर पूछताछ में शामिल होने में असमर्थ हैं। उन्होंने अपने पक्ष में जरूरी दस्तावेज और अभिलेख तैयार करने के लिए जांच एजेंसी से अतिरिक्त समय की मांग की है।
🚨 मुख्य बातें जो आपको जाननी जरूरी हैं:
25 जून को जारी हुआ था समन: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को समन जारी कर रांची स्थित जोनल कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया था।
पिता-पुत्र दोनों रडार पर: रोहित उरांव को जहां आज (29 जून) बुलाया गया था, वहीं पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को 30 जून को पेश होना था।
दोबारा समन की तैयारी: रोहित उरांव द्वारा समय मांगे जाने के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि ईडी एक सप्ताह के भीतर नई तारीख के साथ दोबारा समन जारी कर सकती है।
क्या है आरोप? ईडी झारखंड की नई आबकारी नीति (Excise Policy) के क्रियान्वयन में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि छत्तीसगढ़ की कुछ शराब कंपनियों को झारखंड के सिंडिकेट में एंट्री दिलाने और कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में रोहित उरांव की भूमिका रही है। इससे पहले अगस्त 2023 में हुई छापेमारी के दौरान रोहित के ठिकानों से ₹20 लाख की नकदी भी बरामद की गई थी।
आबकारी विभाग के कई बड़े नाम भी जांच के घेरे में
झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज केस को टेकओवर करने के बाद ईडी ने इस मामले में ECIR संख्या 10/2025 दर्ज कर जांच तेज कर दी है। इस घोटाले में सीनियर आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, आबकारी विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह और कारोबारी योगेंद्र तिवारी सहित 10 से अधिक लोग पहले से ही जांच और कार्रवाई के दायरे में हैं।
फिलहाल, रोहित उरांव के समय मांगने के बाद ईडी के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। जांच एजेंसी इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि शराब नीति के नाम पर राजस्व को कितना नुकसान पहुंचाया गया और अवैध कमाई को कहां खपाया गया।
झारखंड के इस शराब घोटाले और समन की पूरी इनसाइड स्टोरी समझने के लिए आप शराब घोटाले में रोहित उरांव को समन वीडियो देख सकते हैं, जिसमें पूर्व कमिश्नर अमित प्रकाश और रोहित उरांव पर लगे आरोपों की विस्तार से चर्चा की गई है।