Home » झारखंड SIR में चक्रधरपुर विधानसभा ने मारी बाजी! CEO ने जारी की नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी मामलों के निष्पादन की रिपोर्ट !
झारखंड एसआईआर (SIR): चक्रधरपुर विधानसभा ने मारी बाजी, नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी मामलों के निष्पादन की रिपोर्ट जारी !
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यों की समीक्षा की; बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना और कमजोर प्रदर्शन वालों को दिए गए तेजी लाने के निर्देश।
मुख्य बातें (Key Highlights):
चक्रधरपुर का शानदार प्रदर्शन: 56-चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र (अजा) ने तीनों श्रेणियों में शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया।
नो मैपिंग मामले: राज्यभर में कुल 14,04,033 मामलों में से 43.35% का निष्पादन और ECINET पर अपडेशन। पश्चिमी सिंहभूम (96.16%) शीर्ष पर।
लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी: कुल 45,49,961 मामलों में से 67.28% का सफल निष्पादन। पश्चिमी सिंहभूम (99.72%) पहले स्थान पर।
अदर कैटेगरी: 1,61,65,853 में से 97.91% कार्य पूर्ण; लोहरदगा (100%) ने हासिल किया पहला स्थान।
रांची:
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय ने प्रगति रिपोर्ट जारी कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने राज्य में ‘नो मैपिंग’, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ और ‘अदर कैटेगरी’ के मामलों की सुनवाई, निष्पादन और ECINET पोर्टल पर अपडेशन की जिला एवं विधानसभावार विस्तृत स्थिति साझा की है।
04 नवंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 56-चक्रधरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (अनुसूचित जनजाति) ने तीनों श्रेणियों के कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा कर उत्कृष्ट मिसाल पेश की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस शानदार उपलब्धि के लिए संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, बीएलओ (BLO) और पूरी निर्वाचन टीम को विशेष रूप से बधाई दी है।
1. नो मैपिंग श्रेणी: राज्य की स्थिति और जिलों का प्रदर्शन
राज्य में ‘नो मैपिंग’ के कुल 14,04,033 मामले दर्ज थे, जिनमें से 6,08,618 मामलों (43.35%) का निष्पादन कर उन्हें ECINET पर अपडेट कर दिया गया है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 5 जिले:
पश्चिमी सिंहभूम (96.16%)
लोहरदगा (80.04%)
देवघर (75.25%)
रामगढ़ (63.19%)
गुमला (61.01%)
अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले 5 जिले:
गिरिडीह (19.52%)
साहिबगंज (21.03%)
पलामू (25.25%)
पाकुड़ (28.86%)
रांची (29.03%)
2. लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी: प्रगति रिपोर्ट
लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक विसंगति) के कुल 45,49,961 मामलों में से 30,61,159 मामलों (67.28%) का निष्पादन और अपडेशन पूरा किया जा चुका है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 5 जिले:
पश्चिमी सिंहभूम (99.72%)
लोहरदगा (99.08%)
गुमला (92.15%)
रामगढ़ (86.74%)
सिमडेगा (85.87%)
अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले 5 जिले:
पाकुड़ (45.88%)
साहिबगंज (48.57%)
पलामू (49.55%)
रांची (52.02%)
गढ़वा (54.63%)
3. अदर कैटेगरी: लगभग समापन की ओर कार्य
अदर कैटेगरी के कुल 1,61,65,853 मामलों में से 1,58,27,411 मामलों (97.91%) का निष्पादन ECINET पर किया जा चुका है। इस श्रेणी में लगभग सभी जिलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिले: लोहरदगा (100%), पश्चिमी सिंहभूम (99.93%), देवघर (99.91%), चतरा (99.85%) और खूंटी (99.79%)।
CEO के कड़े निर्देश: मतदाता सूची को बनाएं त्रुटिरहित और पारदर्शी
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और सुनवाई में तेजी लाएं। जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर है, वे विशेष कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करें।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एसआईआर अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और समावेशी बनाना है। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम सूची में शामिल हो, साथ ही कोई भी अपात्र या विदेशी नागरिक मतदाता सूची में जगह न पा सके।