Home » झारखंड सजा पुनरीक्षण पर्षद: CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 26 कैदियों की रिहाई को मंजूरी, प्रमंडलों में खुलेंगी ओपन जेल !
💥 झारखंड: CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला! 26 कैदियों की रिहाई को हरी झंडी, हर प्रमंडल में खुलेंगी ओपन जेल !
रांची :झारखंड सरकार न्याय व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सुधारात्मक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद (State Sentence Review Board) की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में राज्य के विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 79 कैदियों की रिहाई के प्रस्तावों पर गहन समीक्षा की गई। सभी विधिक पहलुओं, आचरण और पुलिस प्रशासन की रिपोर्टों का विस्तृत आकलन करने के बाद 26 बंदियों को रिहा करने पर सहमति दी गई है।
📢 CM हेमंत सोरेन का मुख्य संदेश
“जेल से रिहा हुए व्यक्तियों को कानून एवं नियमों के दायरे में पुनः समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलना चाहिए। इससे उनके जीवन में नई शुरुआत होगी और समाज में समरसता को बल मिलेगा। हमारी सरकार न्याय, संवेदनशीलता और सुधारात्मक दृष्टिकोण के संतुलन के साथ काम कर रही है।”
📌 बैठक के 5 बड़े फैसले और मुख्य बातें:
26 आजीवन कैदियों की रिहाई: पर्षद द्वारा अनुशंसित 37 नए मामलों और पूर्व में अस्वीकृत 42 पुराने मामलों (कुल 79) पर विचार-विमर्श के बाद 26 योग्य बंदियों की असमय कारामुक्ति का रास्ता साफ हुआ।
हर प्रमंडल में बनेगी ‘ओपन जेल’: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल खोलने के लिए भूमि चिह्नित (Identify) करने और जल्द प्रस्ताव सौंपने का सख्त निर्देश दिया।
मानसिक रूप से बीमार बंदियों का डेटाबेस: कारागार में बंद या रिहा हो चुके मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए गए।
पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन: रिहा हुए व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्स्थापन (Social Rehabilitation) और स्वरोजगार के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
कड़े मानकों पर हुआ फैसला: बंदियों के कारावास की अवधि, जेल में आचरण, अदालत, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक (SP), जेल अधीक्षक और प्रोबेशन अधिकारियों के मंतव्य की बिंदुवार समीक्षा के बाद ही रिहाई को मंजूरी दी गई।
🤝 शीर्ष अधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे:
श्री अविनाश कुमार (मुख्य सचिव, झारखंड)
श्रीमती तदाशा मिश्रा (पुलिस महानिदेशक – DGP)
श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव (प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी)
श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल (महानिरीक्षक, कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं)
श्री अनिल कुमार मिश्रा (न्यायिक आयुक्त)
Hemant Soren Bail: 5 महीने बाद जेल से बाहर आए हेमंत सोरेन
यह वीडियो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिछले जेल सुधार और न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़े संदर्भ को समझने में मदद करता है।