Home » JPSC-JSSC आंदोलन पर बड़ा फैसला: CID करेगी TDPL परीक्षाओं की जांच, 90 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का आश्वासन !
JPSC-JSSC आंदोलन: TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की CID जांच करेगी झारखंड सरकार, 90 दिनों में रिपोर्ट देने का आश्वासन
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के जारी आंदोलन और भारी विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार की ओर से बड़ा बयान आया है। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है और इस सिलसिले में वार्ता के दो दौर पूरे हो चुके हैं।
सरकार ने छात्रों के साथ हुई चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी सहमति जताई है, जिसमें CID जांच से लेकर पेपर लीक रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसी की मदद तक शामिल है।
प्रमुख घोषणाएं और जांच का दायरा
TDPL परीक्षाओं की व्यापक जांच: 14वीं JPSC परीक्षा सहित TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच राज्य सरकार की एजेंसी CID (Crime Investigation Department) करेगी।
JSSC-CGL भी जांच के दायरे में: JSSC-CGL परीक्षा में सामने आई चिंताओं को देखते हुए इसकी भी पूरी जांच CID द्वारा की जाएगी।
ED जांच का विकल्प खुला: मंत्री दीपिका पांडेय ने बताया कि यदि निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की आवश्यकता पड़ी, तो राज्य सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी पत्र लिखेगी।
“छात्रों की हर जायज मांग पर सरकार गंभीर है। दो दौर की बातचीत में जो बिंदु तय हुए हैं, उन पर तुरंत अमल शुरू किया जा रहा है।”
— दीपिका पांडेय सिंह, राज्य मंत्री (झारखंड सरकार)
न्यायिक समिति की निगरानी और Fast-Track Court
JSSC-CGL परीक्षा के संदर्भ में कानूनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद परिणाम घोषित हुए थे और सफल अभ्यर्थी लगभग एक साल से सेवा में हैं।
कानूनी पेचीदगियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है:
Judicial Committee Monitoring: CID द्वारा की जा रही पूरी जांच की निगरानी एक न्यायिक समिति (Judicial Committee) करेगी।
90-Day Timeline: जांच प्रक्रिया को 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Fast-Track Court: निष्पक्ष और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में लेकर जाएगी।
पेपर लीक कानून पर राष्ट्रीय बहस और सुधार
परीक्षा प्रणाली में सुधार को राष्ट्रीय आवश्यकता बताते हुए दीपिका पांडेय ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए समय के साथ कड़े कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में झारखंड विधानसभा द्वारा पेपर लीक विरोधी कड़ा विधेयक पारित किया गया था, जिसकी मदद से भविष्य की परीक्षाओं को पारदर्शी और धांधली-मुक्त बनाया जा सके।