Home » SIR-2026: झारखंड में मतदाताओं को सुनवाई के लिए ERO दफ्तर जाने की जरूरत नहीं, घर आएंगे BLO | मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
SIR-2026: मतदाताओं को नहीं काटने होंगे ERO दफ्तर के चक्कर, घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे BLO !
रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने मतदाताओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब जिन मतदाताओं को नो-मैपिंग या तार्किक विसंगतियों के चलते नोटिस मिला है, उन्हें सुनवाई के लिए ERO (निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी) कार्यालय जाने की बाध्यता नहीं होगी। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) खुद मतदाताओं के घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे और उन्हें ऑनलाइन पोर्टल (ECINET) पर अपलोड करेंगे।
घर बैठे जमा होंगे दस्तावेज, फिर भी ERO दफ्तर में रहेंगे अफसर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि नोटिस प्राप्त मतदाताओं की सुविधा के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। हालांकि, यदि कोई मतदाता स्वयं ERO कार्यालय या तय सुनवाई स्थल पर जाना चाहता है, तो उसे वहां संबंधित अधिकारी मौजूद मिलेंगे।
CEO ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि ऐसा कोई मामला सामने न आए जहां मतदाता नोटिस के आधार पर केंद्र पहुंचे और वहां अधिकारी न मिलें।
आउटरीच कार्यक्रम और विशेष कैंपों का होगा आयोजन
जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में शामिल था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भरा है, लेकिन किसी कारणवश सुनवाई प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। निर्वाचन आयोग ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर विशेष आउटरीच प्रोग्राम और कैंप आयोजित करेगा ताकि उनका नाम वोटर लिस्ट से कटने न पाए।
कमजोर वर्गों और PVTG पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
आयोग ने विशेष रूप से वंचित और संवेदनशील वर्गों के मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है:
विशेष संरक्षित जनजातीय समूह (PVTG) और जनजातीय आबादी
दिव्यांगजन (PwD) और वृद्ध मतदाता
श्रमिक, गरीब और बेघर नागरिक
ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं
इन वर्गों के लिए आवश्यकतानुसार विशेष कैंप लगाकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और त्रुटियां सुधारने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पारदर्शिता के साथ पारित होंगे आदेश
के. रवि कुमार ने कहा कि हर मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं पेश किए गए दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जाएगा। किसी भी आवेदन को खारिज या स्वीकृत करने से पहले स्पष्ट और कारणयुक्त लिखित आदेश (Speaking Order) पारित किया जाएगा।
“SIR-2026 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखंड का कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे, और कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो सके।”
— के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड
मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1950 जारी
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं, BLO, राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA) और पुनरीक्षण कार्य से जुड़े कर्मियों से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
किसी भी प्रकार की जानकारी, भ्रम या शिकायत की स्थिति में मतदाता निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।