Home » जेपीएससी भर्ती में धांधली का आरोप: भाजपा प्रवक्ता शोभा यादव की मांग – निष्पक्ष जांच के लिए केवल सीबीआइ विकल्प !
जब तक जेपीएससी घोटाले की जांच सीबीआई नहीं करेगी, पूरा सच सामने नहीं आएगा: शोभा यादव !
रांची: झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती को लेकर सामने आए नए आरोपों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने जेपीएससी परीक्षा में लगी धांधली और भ्रष्टाचार के आरोपों को बेहद गंभीर करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से नहीं कराई जाती, तब तक पूरा सच जनता और अभ्यर्थियों के सामने नहीं आ पाएगा।
सीआईडी जांच में 15 लाख रुपये में अंक बढ़ाने का खुलासा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) की जांच में कई चौंकाने वाले बयान सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ऐंठकर साक्षात्कार (Interview) के अंकों में हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
जांच के दौरान आए तथ्यों का हवाला देते हुए श्रीमती यादव ने बताया कि एक-एक अभ्यर्थी से लगभग 15 लाख रुपये तक वसूले गए और इसके बदले साक्षात्कार में 80 अंक तक बढ़ाने का सौदा किया गया। इस कथित सेटिंग के जरिए अयोग्य अभ्यर्थियों का चयन डीएसपी (DSP) और डिप्टी जेलर (उप कारापाल) जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कर दिया गया।
लाखों ईमानदार युवाओं के भविष्य पर संकट
राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शोभा यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों और संरक्षण के कारण झारखंड के हजारों होनहार और मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
“यदि किसी शीर्ष भर्ती परीक्षा में कड़ी मेहनत और योग्यता की जगह पैसे और राजनीतिक पहुंच से अंक तय होने लगें, तो यह केवल कुछ अभ्यर्थियों का नुकसान नहीं है। यह राज्य के हजारों ईमानदार युवाओं के सपनों का कत्ल है और पूरी चयन व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।” — शोभा यादव, प्रदेश प्रवक्ता (भाजपा)
सरकार से पूछे तीखे सवाल
श्रीमती यादव ने राज्य सरकार से सीधे सवाल पूछते हुए कहा:
यदि जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था में इस तरह के संगठित भ्रष्टाचार के आरोप उजागर हो रहे हैं, तो सरकार बताए कि अब तक जवाबदेही तय करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?
युवाओं की मेरिट का सौदा करने वाले अधिकारियों और बिचौलियों पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सफेदपोशों को बेनकाब करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी
भाजपा प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इस घोटाले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का एकमात्र रास्ता सीबीआइ जांच ही है। राज्य की एजेंसियां इस सिंडिकेट की गहराई तक नहीं पहुंच सकतीं, क्योंकि इसमें कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। केवल सीबीआई ही इसके पीछे छुपे “सफेदपोश संरक्षकों” को बेनकाब कर सकती है।
उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि जो सरकार हर साल युवाओं को 5 लाख नौकरियां देने का वादा करके सत्ता में आई थी, वह आज युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। झारखंड के युवा इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। युवाओं को योग्यता के बल पर रोजगार चाहिए, नौकरियों के नाम पर यह रेट कार्ड और सौदेबाजी नहीं।