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JPSC में भ्रष्टाचार BJP शासन की पहचान, बाबूलाल मरांडी को करना चाहिए आत्मचिंतन: ऋषीकेश सिंह
“भाजपा के शासनकाल में प्रतिभा नहीं, बल्कि पैरवी और पैसे का बोलबाला था। जिस पार्टी ने JPSC में भ्रष्टाचार की नींव रखी, उसके नेताओं का नैतिकता पर बोलना हास्यास्पद है।”
— ऋषीकेश सिंह, प्रदेश सचिव सह प्रवक्ता, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी
रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के हालिया बयानों पर तीखा हमला बोला है। ऋषीकेश सिंह ने कहा कि जिस भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासनकाल में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पैसों के दम पर नियुक्तियों का दौर शुरू हुआ, वही पार्टी आज पारदर्शिता और नैतिकता की बातें कर रही है। यह जनता की याददाश्त को कमजोर समझने की भूल है।
🔴 “भाजपा दौर के कई अधिकारी आज जेल में”
कांग्रेस प्रवक्ता ने अतीत की अनियमितताओं को उजागर करते हुए कहा कि भाजपा की सरकारों में आयोजित लगभग सभी परीक्षाएं विवादों के घेरे में रहीं:
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ीं परीक्षाएं: प्रथम, द्वितीय, तृतीय और छठी JPSC परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं, पक्षपात और पैसे के लेन-देन के आरोप लगे।
अधिकारियों को जेल: लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद उस दौर के कई जिम्मेदार अधिकारी आज जेल की हवा खा रहे हैं।
युवाओं के सपनों से खिलवाड़: भाजपा के शासन में योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों को दरकिनार कर केवल रसूखदारों, नेताओं और अफसरों के करीबियों को तरजीह दी गई।
🟢 वर्तमान सरकार का रुख: “दबाया नहीं, दोषियों पर की कार्रवाई”
वर्तमान गठबंधन सरकार और भाजपा शासन की तुलना करते हुए ऋषीकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि:
पारदर्शी जांच: वर्तमान सरकार ने JPSC से जुड़ी शिकायतों को दबाने के बजाय निष्पक्ष जांच कराई।
कठोर कार्रवाई: किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण न देकर दोषियों पर सख्त कदम उठाए गए।
विश्वसनीयता की बहाली: राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि मेधावी युवाओं के हक पर डाका डालने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
⚠️ “बाबूलाल मरांडी दें अपने शासनकाल का हिसाब”
ऋषीकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी को सलाह देते हुए कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाने और भ्रम फैलाने के बजाय वे राज्य के युवाओं को इन सवालों के जवाब दें:
उनके शासनकाल में JPSC में बार-बार भ्रष्टाचार के मामले क्यों सामने आए?
मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय क्यों नहीं हुआ?
उस दौर के शीर्ष अधिकारी भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जेल कैसे पहुंचे?
निष्कर्ष:
कांग्रेस प्रवक्ता ने दोहराया कि भाजपा के पास कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह युवाओं के हितैषी बनने का नाटक कर रही है। लेकिन झारखंड की जनता भाजपा के उस दौर को नहीं भूली है जब आयोग की साख को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया था।