Home » MMDR विधेयक पर JMM-कांग्रेस का विरोध केवल राजनीतिक नाटक: बाबूलाल मरांडी
MMDR संशोधन पर भ्रम फैला रही हेमंत सरकार, छात्र आंदोलन से ध्यान भटकाना ही मकसद: बाबूलाल मरांडी !
रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संसद से पारित एमएमडीआर (MMDR) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और इंडी (INDI) गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मरांडी ने कहा कि MMDR विधेयक के विरोध के नाम पर झामुमो-कांग्रेस केवल राजनीतिक नाटक कर रहे हैं, ताकि राज्य में चल रहे युवाओं और छात्रों के भारी आक्रोश से ध्यान भटकाया जा सके।
झारखंड सरकार का झूठ बेनकाब: केंद्र नहीं छीन रहा खनिज राजस्व
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि MMDR संशोधन विधेयक को लेकर राज्य सरकार द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह से तथ्यों के विपरीत है:
राजस्व की स्थिति: विधेयक से राज्यों का खनन राजस्व नहीं छिनेगा। रॉयल्टी, DMF, NMET और GST में राज्यों की हिस्सेदारी यथावत रहेगी। खनन क्षेत्र से होने वाली कुल आय का लगभग 90% हिस्सा राज्यों को ही मिलता रहेगा।
आंकड़े देते हैं गवाही: 2014-15 से 2024-25 के बीच राज्यों का खनिज राजस्व 354% बढ़कर ₹25,206 करोड़ से ₹1,14,549 करोड़ हो चुका है। कुल खनिज राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी 60% से बढ़कर 88% हो गई है।
“झारखंड की असली समस्या केंद्र सरकार नहीं, बल्कि राज्य सरकार की गलत नीतियां हैं। देश का 40% खनिज भंडार रखने वाला झारखंड अपनी संपदा का सही उपयोग करने में पूरी तरह विफल रहा है।” — बाबूलाल मरांडी
6 सालों में सिर्फ 4 खदानों की नीलामी, एक भी चालू नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की खनन नीति और प्रशासनिक तंत्र पर कड़े सवाल खड़े किए:
नीलामी और उत्पादन का अंतर: पिछले 6 वर्षों में झारखंड ने सिर्फ 4 खदानों की नीलामी की, जिनमें से एक भी चालू नहीं हो सकी। इसके विपरीत ओडिशा ने 35 खदानें चालू कर ₹87,000 करोड़ का प्रीमियम अर्जित किया, जबकि झारखंड को शून्य हासिल हुआ।
लौह अयस्क उत्पादन में पिछड़ापन: 2018-19 से 2024-25 के बीच ओडिशा का लौह अयस्क उत्पादन 120 मिलियन टन से बढ़कर 180 मिलियन टन पहुंचा, जबकि झारखंड का उत्पादन मात्र 23 मिलियन टन पर स्थिर है।
अत्यधिक उपकर (Cess): झारखंड सरकार ने लौह अयस्क पर ₹600/टन का उपकर लगाया है (छत्तीसगढ़ में केवल ₹22.50/टन), जिससे निम्न ग्रेड लौह अयस्क का उत्पादन ठप हो गया। कोयले पर उपकर बढ़ाने के कारण BCCL का उत्पादन 12.3% घटा है।
स्थानीय संसाधनों पर अधिकार: बालू, पत्थर और लघु खनिजों पर MMDR संशोधन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा; इन पर राज्य का नियंत्रण पहले की तरह बना रहेगा।
छात्रों के आमरण अनशन से घबराई सरकार
प्रेसवार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने राज्य में जारी छात्र आंदोलन और भर्ती घोटालों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया:
छात्रों का आंदोलन: JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्र पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर हैं।
दबाव में काम कर रही सरकार: मरांडी ने कहा कि एक हफ्ते से सोया हुआ मंत्रियों का समूह केवल तब जागा जब छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया।
JPSC अध्यक्ष पद पर भ्रष्टाचार का आरोप: मरांडी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए एल. खियांग्ते द्वारा JPSC अध्यक्ष बनने के लिए ₹70 करोड़ दिए जाने के आरोपों पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
संसद में चर्चा से गायब रहे JMM-कांग्रेस के सांसद
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ राज्य में JMM और कांग्रेस MMDR विधेयक का विरोध करने का नाटक कर रहे हैं, वहीं संसद में जब इस विधेयक पर चर्चा हो रही थी, तब इनके सांसद अनुपस्थित थे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जनता को बरगलाना छोड़कर छात्रों की जायज मांगों को तुरंत पूरा करे।इस प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा भी मौजूद रहे।