Home » ‘पेपर लीक उद्योग की असली जननी BJP, छात्रों के नाम पर बहा रही मगरमच्छ के आंसू’: कांग्रेस का तीखा हमला
पेपर लीक उद्योग की असली जननी BJP, छात्रों के नाम पर बहा रही मगरमच्छ के आंसू’: कांग्रेस का तीखा हमला
खास बातें:
भाजपा का प्रदर्शन राजनीतिक पाखंड: दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को कांग्रेस ने अपनी नाकामियां छिपाने का नाटक बताया।
राष्ट्रीय परीक्षाओं पर सवाल: NEET, UGC-NET और रेलवे-SSC भर्ती में हुई धांधलियों की जवाबदेही तय करने की मांग।
युवाओं से छलावा: कांग्रेस का आरोप- भाजपा ने वर्षों तक पेपर लीक माफिया को संरक्षण दिया।
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर जोरदार पलटवार किया है। सिन्हा ने भाजपा के आरोपों को ‘झूठ, पाखंड और राजनीतिक नौटंकी का पुलिंदा’ करार देते हुए कहा कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य की सबसे बड़ी दुश्मन अगर कोई पार्टी है, तो वह भारतीय जनता पार्टी है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि जिस भाजपा के 11 वर्षों के शासनकाल में देशभर में दर्जनों प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए और लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका, उसे आज नैतिकता का उपदेश देने का कोई लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है।
“NEET और भर्ती घोटालों का जिम्मेदार कौन?”
कांग्रेस नेता ने सीधा सवाल दागते हुए कहा:
“भाजपा यह स्पष्ट करे कि NEET, UGC-NET, रेलवे, SSC, सेना भर्ती और अग्निवीर जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई व्यापक गड़बड़ियों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? क्या इन तमाम राष्ट्रीय घोटालों की जवाबदेही झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की थी?”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने सालों तक पेपर लीक माफिया को संरक्षण दिया। जब देशभर के छात्र सड़कों पर उतरे, तब मजबूरी में कानून बनाने का दिखावा किया गया। आज वही भाजपा अपने पापों को छिपाने के लिए झारखंड की ओर उंगली उठा रही है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को घेरते हुए पूछा कि जब झारखंड में भाजपा की सरकार थी, तब जेपीएससी (JPSC) परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं, नियुक्ति घोटालों और पेपर लीक के खिलाफ उन्होंने कितनी बार आवाज उठाई थी?
संगठित उद्योग बना पेपर लीक: भाजपा शासन में राज्य के युवाओं का भविष्य किस तरह बर्बाद किया गया, यह झारखंड का हर छात्र जानता है।
अमर्यादित भाषा हताशा का प्रमाण: भाजपा नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा उनकी राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाती है।
“छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं”
सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी है। चाहे दिल्ली हो या झारखंड, कांग्रेस पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की पक्षधर है।
“भाजपा का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं पर राजनीतिक रोटियां सेंकना है। देश और झारखंड की युवा शक्ति अब भाजपा के झूठे दुष्प्रचार को पहचान चुकी है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी।”