Home » पलामू DEO कार्यालय में बड़ी कार्रवाई: लिपिक निलंबित; मेडिकल लापरवाही के आरोपों पर प्रशासन का बड़ा खुलासा
पलामू DEO कार्यालय में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, एक लिपिक निलंबित; मेडिकल लापरवाही के दावों पर प्रशासन का बड़ा स्पष्टीकरण !
पलामू के चर्चित श्रीमती भारती पाण्डेय प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में अवकाश से जुड़े मामले में गाज गिरते हुए एक लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरे कर्मचारी का प्रतिनियोजन समाप्त कर स्थानांतरण कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, चिकित्सीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना में मेडिकल लापरवाही नहीं, बल्कि मरीज द्वारा समय पर भर्ती होने से इंकार करना मुख्य कारण बना।
🚨 प्रशासनिक कार्रवाई: लिपिक निलंबित, एक का ट्रांसफर
क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, पलामू प्रमंडल मेदिनीनगर के आदेशानुसार विभागीय स्तर पर सख्त कदम उठाए गए हैं:
ईश्वरी दयाल राम (लिपिक): पत्रांक 193 (दिनांक 26 जुलाई 2026) के तहत तत्काल निलंबित कर दिए गए हैं।
श्री अरुण कुमार गिरि (लिपिक): पत्रांक 194 (दिनांक 26 जुलाई 2026) के तहत DEO कार्यालय पलामू से प्रतिनियोजन हटाकर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका (गढ़वा) में पदस्थापित किया गया है।
🩺 चिकित्सीय मामला: ‘डॉक्टर की सलाह नजरअंदाज करने से बढ़ी जटिलता’
सोना नर्सिंग होम और चिकित्सक डॉ. ऋषिता सिंह (एमएस/गायने) से प्राप्त चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है:
21 जुलाई 2026: जांच के दौरान मरीज में Leaking P/V की शिकायत पाई गई। डॉ. ऋषिता सिंह ने तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन मरीज ने भर्ती होने से इनकार कर दिया।
24 जुलाई 2026: दोबारा जांच के दौरान डॉक्टर द्वारा भर्ती होने का परामर्श दिया गया, जिसे पुनः नहीं माना गया।
25 जुलाई 2026: जब मरीज पुनः सोना नर्सिंग होम पहुंचीं, तब अल्ट्रासाउंड जांच में शिशु मृत पाया गया। इसके बाद आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया के तहत मृत शिशु का प्रसव कराया गया।
📄 अवकाश आवेदन का सच: मातृत्व नहीं, लिया था ‘शिशु देखभाल अवकाश’
विभागीय जांच में अवकाश आवेदन को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है:
मुख्य बिंदु: श्रीमती भारती पाण्डेय ने मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के लिए कोई आवेदन जमा नहीं किया था। उन्होंने अपनी 7 वर्षीय पुत्री अदिति कुमारी की देखभाल के लिए शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave – CCL) का आवेदन दिया था।
शपथ पत्र और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर नियमानुकूल जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू द्वारा पत्रांक 1069 (दिनांक 25 जुलाई 2026) के माध्यम से 185 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश (CCL) की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
📌 प्रशासन का रुख
पलामू जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई है। भविष्य में इस प्रकार की कार्यप्रणाली या अव्यवस्था की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।