Home » राँची के नामकुम मिलिट्री हॉस्पिटल में विशेष नेत्र चिकित्सा शिविर, राज्यपाल से मिलीं महानिदेशक आरती सारिन
राँची के नामकुम मिलिट्री हॉस्पिटल में सेना का बड़ा एक्शन: 19 जून तक लगेगा विशेष नेत्र चिकित्सा शिविर; राज्यपाल से मिलीं महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन
भूतपूर्व सैनिकों, आश्रितों और जनजातीय समुदाय को दिल्ली के टॉप आर्मी डॉक्टर्स देंगे मुफ्त परामर्श; राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सेना की इस अनूठी पहल को सराहा
राँची, 16 जून 2026:
झारखंड की राजधानी राँची में सैन्य और आम नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य समन्वय की दिशा में भारतीय सेना ने एक बड़ी और मानवीय पहल की है। लोक भवन, राँची में आज सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (DGAFMS) की महानिदेशक, सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन ने माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की।
इस मुलाकात के दौरान महानिदेशक ने राज्यपाल महोदय को सैन्य चिकित्सालय (मिलिट्री हॉस्पिटल), नामकुम में आयोजित किए जा रहे एक विशेष और वृहद् नेत्र चिकित्सा शिविर (Special Eye Care Camp) की विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने सेना की इस पहल का पुरजोर स्वागत किया है।
📊 नामकुम सैन्य नेत्र चिकित्सा शिविर: एक नजर में
मुख्यालय पूर्वी कमान और मुख्यालय 111 एरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस मेगा कैंप का पूरा विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
मुख्य बिंदु
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शिविर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां
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शिविर की अवधि
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15 जून से 19 जून, 2026 तक (5 दिवसीय मेगा कैंप)
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मुख्य आयोजन स्थल
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सैन्य चिकित्सालय (मिलिट्री हॉस्पिटल), नामकुम, राँची
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
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आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली की टॉप टीम
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मुख्य लाभार्थी
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भूतपूर्व सैनिक, उनके आश्रित, जनजातीय (आदिवासी) समुदाय व आम नागरिक
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उपलब्ध सुविधाएं
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उन्नत नेत्र परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श एवं विभिन्न नेत्र चिकित्सा सेवाएं
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👁️ दिल्ली के ‘रिसर्च एंड रेफरल’ हॉस्पिटल के डॉक्टर्स दे रहे हैं सेवाएं
शिष्टाचार मुलाकात के दौरान सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन ने राज्यपाल को अवगत कराया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण और जनजातीय इलाकों के लोगों तक देश की सबसे बेहतरीन सैन्य चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। इस कैंप में देश के प्रतिष्ठित आर्मी हॉस्पिटल (R&R), नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नामकुम में खुद मौजूद है।
इस शिविर के माध्यम से मोतियाबिंद, दृष्टि दोष और आंखों की अन्य गंभीर बीमारियों का न केवल आधुनिक मशीनों से परीक्षण किया जा रहा है, बल्कि मरीजों को उचित परामर्श और दवाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।
💬 “समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का मॉडल” — राज्यपाल
राजभवन (लोक भवन) में बातचीत के दौरान राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने इस पुनीत कार्य के लिए भारतीय सेना और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की पूरी टीम की पीठ थपथपाई। राज्यपाल ने कहा:
“भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी हमेशा अग्रणी रहती है। नामकुम मिलिट्री हॉस्पिटल में आयोजित यह मेगा शिविर समाज के वंचित, गरीब और जनजातीय वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। ऐसे आयोजनों से आम नागरिकों का सेना के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।”
👥 जनजातीय समुदाय और आम नागरिकों को सीधा लाभ
सैन्य सूत्रों के अनुसार, 15 जून से शुरू हुए इस शिविर में पहले ही दिन से भारी संख्या में भूतपूर्व सैनिक और राँची के आसपास के ग्रामीण इलाकों से जनजातीय समुदाय के लोग पहुंच रहे हैं। सेना के इस कदम से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो आर्थिक तंगी या जानकारी के अभाव में आँखों के बड़े और महंगे इलाज से वंचित रह जाते थे। यह शिविर आगामी 19 जून तक बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रहेगा।