नागरमल मोदी सेवा सदन के 69 वें स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार: ‘कम खर्च, समुचित इलाज और सही व्यवहार’ ही अस्पताल की असली पहचान !
रांची: लोक भवन, झारखंड द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित नागरमल मोदी सेवा सदन के 69वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा सेवा केवल बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय गरिमा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व से गहराई से जुड़ी हुई है .

एक छोटे मातृत्व गृह से बहुविशेषता अस्पताल तक का सफर
राज्यपाल महोदय ने कहा कि वर्ष 1958 में महज एक छोटे से मातृत्व गृह (Maternity Home) के रूप में शुरू हुआ नागरमल मोदी सेवा सदन आज एक प्रमुख बहुविशेषता (Multi-speciality) अस्पताल के रूप में उभर चुका है। उन्होंने कहा कि लगभग सात दशकों का यह सफर समर्पण, जन-सहयोग और निरंतर मेहनत का परिणाम है।
भारतीय परंपरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने “पहला सुख निरोगी काया” के सिद्धांत का उल्लेख किया और कहा कि एक स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में ऐसे संस्थानों का योगदान अमूल्य है।
मरीज की चिंता दूर करना और मानवीय व्यवहार आवश्यक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसी भी अस्पताल का वास्तविक परिचय उसकी भव्य इमारत या आधुनिक उपकरणों से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाले इलाज और मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण से होता है। मरीज अस्पताल केवल शारीरिक बीमारी लेकर नहीं आता, बल्कि उसके साथ चिंता और उम्मीदें भी होती हैं।
उन्होंने नागरमल मोदी सेवा सदन के मूल मंत्र “कम खर्च, समुचित इलाज, सही व्यवहार” की सराहना करते हुए कहा कि यह संदेश गुणवत्ता, किफायत और संवेदनशीलता का सही संतुलन पेश करता है। चिकित्सा के बढ़ते खर्च के दौर में सेवा सदन जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
आयुष्मान भारत और आधुनिक तकनीक का समन्वय
देश की स्वास्थ्य नीतियों पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ‘आयुष्मान भारत’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है। ऐसे समय में अनुभवी स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण और शोध के साथ-साथ स्वच्छता, मरीज की सुरक्षा और स्टाफ के व्यवहार को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए। रांची और आसपास के क्षेत्र की जनता का इस संस्थान पर वर्षों से बना भरोसा ही इसकी सबसे बड़ी पूंजी है।
डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की सराहना और डायलिसिस वार्ड का निरीक्षण
राज्यपाल महोदय ने सेवा सदन के डॉक्टरों, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अस्पताल की सफलता टीम वर्क पर निर्भर करती है।
समारोह को संबोधित करने से पूर्व, राज्यपाल ने अस्पताल के सामुदायिक डायलिसिस विभाग का दौरा किया। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना, इलाज की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।













