Home » रांची जमीन घोटाला: ED का बड़ा एक्शन, बड़गाईं और कांके अंचल के 5 मौजा की रजिस्ट्री-म्यूटेशन पर रोक
रांची: झारखंड में बड़े पैमाने पर हुए जमीन घोटाला मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ED ने रांची के बड़गाईं और कांके अंचल से जुड़े पांच बेहद विवादित मौजा की रजिस्ट्री (Registration) और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को पत्राचार किया है।
इन 5 मौजा पर लगी रोक
ED की जांच के दायरे में आए इन पांच मौजा में प्रमुख रूप से सरकारी और रिम्स (RIMS) की कीमती जमीनें शामिल हैं:
बड़गाईं अंचल: मोरहाबादी, बरियातू, कोकर, और तिरिल मौजा।
कांके अंचल: सांगा मौजा।
मुख्य बिंदु: जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि जमीन दलालों और भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से रिम्स (RIMS) की सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध तरीके से खरीद-बिक्री किया गया।
सरकारी अफसरों और माफिया के नेक्सस पर शिकंजा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में दर्ज मूल मामले के आधार पर ED ने इस केस में इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी। अब इस मामले में मनी लांड्रिंग (जमीन के पैसों को ठिकाने लगाने) के बिंदु पर जांच तेज कर दी गई है। सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों रुपये की सरकारी और आदिवासियों की जमीनों को सामान्य (General) प्लॉट दिखाकर बेचने वाले सिंडिकेट के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
इस रोक के बाद अब इन विवादित इलाकों में जमीन की किसी भी तरह की नई रजिस्ट्री या दाखिल-खारिज का काम पूरी तरह ठप रहेगा, जिससे आम जनता को भी धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा।