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रांची में डाक विभाग की बड़ी लापरवाही: सालभर से डाकिया ने नहीं बांटी चिट्ठियां, घर में बोरों में बंद मिले हजारों आधार, पैन और कोर्ट नोटिस !
रांची // पिठोरिया: झारखंड की राजधानी रांची के कांके इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक ओर डाक विभाग (Postal Department) को आम जनता के भरोसे का प्रतीक माना जाता है, वहीं कांके के पिठोरिया पोस्ट ऑफिस की घोर लापरवाही ने इस भरोसे को तार-तार कर दिया है।

बताया जा रहा है कि इलाके का डाकिया पिछले एक साल से जनता की डाक ही नहीं बांट रहा था, बल्कि महत्वपूर्ण सरकारी और व्यक्तिगत दस्तावेजों को बोरों में भरकर घर में छिपाकर रखा हुआ था।
🚨 हंगामे के बाद खुला राज: घर में मिला दस्तावेजों का ‘अंबार’
पिठोरिया के निवासियों का आरोप है कि पिछले एक साल से उन्हें कोई डाक या जरूरी चिट्ठी नहीं मिल रही थी। जब लोगों का सब्र का बांध टूटा और स्थानीय ग्रामीणों ने डाकघर में हंगामा किया, तब जाकर विभाग हरकत में आया।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा:
डाकघर के इंस्पेक्टर द्वारा जब आरोपी डाकिया के ठिकानों की तलाशी ली गई, तो वहाँ का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। डाकिया के घर से बोरों में ठंसकर रखे गए ढेर सारे दस्तावेज बरामद हुए।
📁 बोरों में बंद थे ये महत्वपूर्ण दस्तावेज:
बरामद किए गए बोरों में आम जनता के बेहद संवेदनशील और जरूरी कागजात शामिल थे, जिनमें प्रमुख हैं:
महत्वपूर्ण पहचान पत्र: [Aadhaar Redacted] कार्ड और पैन कार्ड (PAN Cards)
बैंकिंग दस्तावेज: एटीएम (ATM) कार्ड और बैंकों की पासबुक
कानूनी नोटिस: लोक अदालत (Lok Adalat) के समन और नोटिस
सरकारी विभाग: आयकर विभाग (Income Tax) के बेहद जरूरी और समय-सीमा वाले नोटिस
नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
इस घोर लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों को न केवल मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि समय पर कानूनी और टैक्स नोटिस न मिलने के कारण कई नागरिकों को भारी आर्थिक और कानूनी नुकसान भी उठाना पड़ा है।
🚫 आरोपी डाकिया सस्पेंड, विभाग चलाएगा ‘स्पेशल ड्राइव’
इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पोस्ट ऑफिस के इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने जांच को पुख्ता किया है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तत्काल निलंबन: इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया है कि संबंधित डाकिया को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (Suspend) किया जा रहा है।
उच्च स्तरीय जांच: इतनी बड़ी लापरवाही में जिस स्तर पर भी मॉनिटरिंग की कमियां रही हैं, उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।
राहत की खबर: विभाग ने जनता को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही एक ‘स्पेशल ड्राइव’ (Special Drive) चलाई जाएगी। इसके तहत बोरों में बंद सभी अटकी हुई चिट्ठियों और दस्तावेजों को चिन्हित कर, प्राथमिकता के आधार पर उनके सही लाभार्थियों तक पहुँचाया जाएगा।
✍️ ‘सवालों के घेरे में व्यवस्था’
सरकारी व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही किसी आम इंसान की जिंदगी और उसकी गाढ़ी कमाई पर भारी पड़ सकती है। डिजिटल इंडिया के दौर में डाक विभाग की ऐसी सुस्ती हैरान करने वाली है। अब देखना यह होगा कि आरोपी डाकिया पर क्या कानूनी कार्रवाई होती है और भुक्तभोगी जनता को उनके जरूरी दस्तावेज कितनी जल्दी वापस मिल पाते हैं।
