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हजारीबाग: बड़कागांव के लुरुंग में अवैध कोयला खदान धंसी, चाल धंसने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत
बड़कागांव (हजारीबाग) झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के लुरुंग स्थित एक अवैध कोयला खदान में कोयला निकालने के दौरान अचानक चाल (खदान की ऊपरी परत) धंस गई। इस भयानक हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इस घटना के बाद से पूरे लुरुंग और बड़कागांव इलाके में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में अवैध माइनिंग को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
🔥 News Highlights: घटना की बड़ी बातें
कहाँ हुआ हादसा: बड़कागांव थाना क्षेत्र के लुरुंग इलाके में संचालित अवैध कोयला मुहाने (खदान) में।
कैसे हुई मौत: सुरंग के भीतर अवैध रूप से कोयला काटने के दौरान अचानक ऊपर से भारी मलबा और मिट्टी (चाल) गिर गई।
प्रशासनिक चूक: स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में धड़ल्ले से अवैध खनन का खेल चल रहा है, लेकिन अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
लीपापोती की कोशिश: सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कोयला माफियाओं द्वारा मामले को दबाने और शवों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश की भी चर्चा है।
🚨 कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हमेशा की तरह कुछ मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर लुरुंग के जंगलों/इलाके में स्थित अवैध कोयला खदान के भीतर घुसे थे। मजदूर जमीन के काफी नीचे सुरंग बनाकर कोयला काट रहे थे कि तभी अचानक एक जोरदार आवाज के साथ खदान की चाल धंस गई।
खदान के मुहाने पर मौजूद अन्य लोगों ने जब तक शोर मचाया और मलबे को हटाने का प्रयास किया, तब तक मलबे में बुरी तरह दबने के कारण दो मजदूरों ने दम तोड़ दिया था। हादसे के वक्त वहां अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
💬 “जिंदगी पर भारी चंद रुपयों की मजबूरी”
झारखंड के कोयला अंचलों में यह कोई पहला हादसा नहीं है। रामगढ़ से लेकर हजारीबाग तक के अवैध मुहानों में गरीब मजदूर चंद रुपयों की खातिर और माफियाओं के मुनाफे के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: “प्रशासन और वन विभाग की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। माफिया तिजोरियां भर रहे हैं और हमारे घर के चिराग बुझ रहे हैं। अगर समय रहते इन अवैध मुहानों को डोजरिंग (बंद) करा दिया जाता, तो आज दो माताओं की गोद सूनी नहीं होती।”
👮 पुलिस और प्रशासन की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बड़कागांव थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है। अवैध रूप से माइनिंग कराने वाले किंगपिन (माफियाओं) को बख्शा नहीं जाएगा और शवों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।