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झारखंड शराब घोटाला: पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित को ED का दोबारा समन, 6 जुलाई को रांची कार्यालय में पेश होने का आदेश
मुख्य बातें:
मामला: कथित झारखंड शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस।
किसे मिला समन: कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव।
कब होना है पेश: 6 जुलाई 2026 को।
कहाँ: ED का रांची स्थित जोनल कार्यालय।
रांची:झारखंड में कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जांच एजेंसी ने राज्य के पूर्व वित्त मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को एक बार फिर नया समन जारी किया है। ED ने दोनों को 6 जुलाई को रांची स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया है।
🚨 पहली बार नहीं हुए थे पेश, इसलिए जारी हुआ दोबारा समन
जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल शराब घोटाले और वित्तीय हेरफेर के मामले में ईडी ने इससे पहले भी पिता-पुत्र की जोड़ी को पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि, निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह दूसरा समन जारी किया है।
ED का फोकस: जांच एजेंसी इस मामले में भारी-भरकम वित्तीय लेन-देन, संदिग्ध बैंक दस्तावेजों, और सिंडिकेट के साथ जुड़े अन्य संबंधित पहलुओं की बेहद बारीकी से और गहन जांच कर रही है।
💼 क्या है पूरा मामला और ED की राडार पर क्यों हैं उरांव?
ईडी की यह कार्रवाई झारखंड में वर्ष 2022 में लागू की गई नई आबकारी (Excise) नीति और उसमें हुए कथित धनशोधन (Money Laundering) के आरोपों पर केंद्रित है।
सिंडिकेट से कनेक्शन का संदेह: जांच एजेंसी को अंदेशा है कि छत्तीसगढ़ की कुछ शराब कंपनियों को झारखंड के शराब व्यापार में पिछले दरवाजे से एंट्री दिलाने में रोहित उरांव की अहम भूमिका रही है।
छापेमारी में मिली थी नकदी: इससे पहले अगस्त 2023 में उरांव परिवार के परिसरों पर की गई राष्ट्रव्यापी छापेमारी के दौरान ईडी को रोहित उरांव के ठिकाने से करीब ₹20 लाख की नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे।
बड़े अधिकारियों से हो चुकी है पूछताछ: इस कथित घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की प्राथमिकी को आधार बनाकर ईडी ने ECIR दर्ज की थी। इस मामले में अब तक कई वरिष्ठ IAS अधिकारी (जैसे विनय चौबे), उत्पाद विभाग के अधिकारी और शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी समेत कई आरोपियों से पूछताछ व गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
📉 जांच का अगला चरण: उरांव परिवार से मांगे गए अहम दस्तावेज
सूत्रों के मुताबिक, आगामी 6 जुलाई की पूछताछ में ईडी का मुख्य फोकस यह जानना होगा कि नई शराब नीति को मंजूरी देने के दौरान वित्त विभाग पर क्या कोई बाहरी दबाव था? इसके साथ ही रामेश्वर उरांव और उनके बेटे से उनके PAN कार्ड, चल-अचल संपत्ति के विवरण और पिछले कुछ वर्षों के वित्तीय ट्रांजैक्शन के दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच तेजी से जारी है, और 6 जुलाई को होने वाली इस पूछताछ से झारखंड के इस सबसे बड़े सियासी और प्रशासनिक शराब घोटाले में कई नए और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।