Home » रांची में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस: K Raju का बड़ा बयान, ‘छात्रों की 90% मांगे मानी गईं, केंद्र के नए बिल से झारखंड को 15 हजार करोड़ का नुकसान’
रांची में कांग्रेस की महा-प्रेस कॉन्फ्रेंस: छात्रों की मांगों से लेकर केंद्र के ‘खनन बिल’ पर कांग्रेस का बड़ा हमला !
रांची (प्रदेश समाचार): प्रदेश कांग्रेस भवन, रांची में आज एक उच्चस्तरीय संयुक्त संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के झारखंड प्रभारी श्री के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता श्री प्रदीप यादव और राज्य सरकार के मंत्रियों—श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी एवं श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राकेश सिन्हा, श्री सतीश पॉल मुंजनी, श्री लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ. एम. तौसीफ भी उपस्थित रहे।
1. छात्रों के मुद्दे पर सरकार गंभीर, 90% मांगों पर बनी सहमति: के. राजू
झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से देश भर के परीक्षार्थियों की आवाज उठाई गई है।
90% मांगों पर सहमति: राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय मंत्रिमंडलीय समिति ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दो दौर की वार्ता की है, जिसमें 90% मांगों पर सहमति बन चुकी है।
आज फिर वार्ता: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की मौजूदगी वाली समिति आज फिर छात्रों से वार्ता करेगी और जल्द ही बाकी मांगों का भी सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।
“छात्र देश का भविष्य हैं। राहुल गांधी का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार हो ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।”
— के. राजू (झारखंड कांग्रेस प्रभारी)
2. SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मताधिकार की सुरक्षा
के. राजू ने बताया कि कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है:
25,000 BLA तैनात: निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए पार्टी ने 25 हजार बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को प्रशिक्षित कर मैदान में उतारा है।
15 दिन अवधि बढ़ाने की मांग: इन्यूमरेशन फेज के 30 दिन पूरे होने पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) से मुलाकात कर समय सीमा को 15 दिन और बढ़ाने का ज्ञापन सौंपा है, ताकि कोई मतदाता छूट न जाए।
3. ‘खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026’ से झारखंड को 15,000 करोड़ का नुकसान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक, 2026 का कड़ा विरोध किया गया।
वार्षिक नुकसान: के. राजू के अनुसार, इस कानून से झारखंड को हर साल लगभग ₹15,000 करोड़ का भारी राजस्व नुकसान होगा।
जनकल्याणकारी योजनाओं पर असर: आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार जानबूझकर राज्य की ‘मंईयां सम्मान योजना’ जैसी जनहितकारी योजनाओं को आर्थिक रूप से बाधित करने का प्रयास कर रही है।
संघीय ढांचे पर हमला: विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस विधेयक को संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त को बैठक कर जिला एवं राज्य स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
4. केंद्र पर ₹1.36 लाख करोड़ बकाया, कल PAC की अहम बैठक: केशव महतो कमलेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:
बकाया राशि: केंद्र सरकार पर झारखंड का ₹1,36,000 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा।
आगे की रणनीति: कल (18 अगस्त) पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें केंद्र के इस सौतेले व्यवहार के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
मंत्रियों के प्रमुख वक्तव्य:
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह: “छात्रों के साथ वार्ता काफी सकारात्मक रही है। आज की बैठक के बाद छात्रों के हित में अंतिम और सार्थक निर्णय निकल आएगा।”
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी: “केंद्र का नया खनिज विधेयक आदिवासी-मूलवासी विरोधी है। जब तक केंद्र इस पर पुनर्विचार नहीं करता, हमारा चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।”
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की: “कांग्रेस पार्टी छात्रों के हर जायज हक के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान हमारी पहली प्राथमिकता है।”