Home » झूठ और भ्रम की राजनीति भाजपा करती है, कांग्रेस नहीं! सुकांत मजूमदार पर कांग्रेस का तीखा हमला !
झूठ और भ्रम की राजनीति भाजपा करती है, कांग्रेस नहीं: हार की बौखलाहट में लोकतंत्र की आवाज दबा रहे सुकांत मजूमदार !
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार के SIR (स्पेशल समरी रिवीजन/विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर दिए गए हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि झारखंड में आकर झूठ बोलना और कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगाना भाजपा के केंद्रीय नेताओं की राजनीतिक मजबूरी बन गई है।
“झारखंड को भाजपा ने बनाया राजनीतिक झूठ की प्रयोगशाला”
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेता जब भी झारखंड के दौरे पर आते हैं, तो विकास, रोजगार, महंगाई और आम जनता के बुनियादी सवालों का जवाब देने के बजाय केवल झूठ, भ्रम और कांग्रेस विरोध की राजनीति फैलाकर लौट जाते हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा नेताओं के लिए झारखंड अब केवल राजनीतिक झूठ फैलाने की प्रयोगशाला बनकर रह गया है।”
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भाजपा क्यों बच रही सवाल का जवाब देने से?
डॉ. सुकांत मजूमदार के बयानों का घेराव करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि SIR की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष है, तो फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवालों से भाजपा भाग क्यों रही है?
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं से सवाल पूछना लोकतंत्र को बदनाम करना नहीं, बल्कि मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना है। संवैधानिक संस्थाएं किसी राजनीतिक दल की निजी जागीर नहीं हैं कि उनसे सवाल पूछना अपराध मान लिया जाए।
मतदाता सूची की गड़बड़ी पर राहुल गांधी उठा रहे जायज सवाल
सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार मतदाता सूची में गड़बड़ियों, संदिग्ध नामों को हटाए जाने और SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है। भाजपा को इन महत्वपूर्ण सवालों का तथ्यात्मक और स्पष्ट जवाब देना चाहिए, न कि चुनावी आंकड़ों और फिल्मी संवादों के सहारे जनता का ध्यान भटकाना चाहिए।
“हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन मताधिकार की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता”
डॉ. मजूमदार द्वारा कांग्रेस की 56 चुनावी हारों के दिए गए हिसाब पर तंज कसते हुए राकेश सिन्हा ने कहा, “भाजपा नेता कांग्रेस की हार का हिसाब तो दे रहे हैं, लेकिन देश की जनता भाजपा से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गिरती विश्वसनीयता का हिसाब मांग रही है।”
उन्होंने कहा कि चुनाव में हार और जीत लोकतंत्र का सामान्य हिस्सा है, लेकिन क्या मतदाता का वोट सुरक्षित है या नहीं—यह लोकतंत्र के अस्तित्व से जुड़ा सवाल है। लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा की गारंटी भी देता है।
पारदर्शिता से जांच कराए भाजपा
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को चुनाव हारने का कोई डर नहीं है, लेकिन निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग से भाजपा इतनी असहज और डरी हुई क्यों नजर आती है? उन्होंने चुनौती दी कि अगर सब कुछ सही है, तो सरकार और चुनाव आयोग को पारदर्शिता के साथ जांच करानी चाहिए और विपक्ष व मतदाताओं की सभी शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
अंत में राकेश सिन्हा ने सलाह दी कि केंद्रीय मंत्री झारखंड आकर कांग्रेस को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने के बजाय अपनी पार्टी को लोकतांत्रिक मर्यादा और जवाबदेही का पाठ सिखाएं। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता राजनीतिक जुमलों से नहीं, बल्कि ठोस काम और जवाबदेही से संतुष्ट होती है।