Home » भाजपा झारखंड की बड़ी तैयारी! भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस और पखवाड़े को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला !
भाजपा झारखंड ने की राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस और पखवाड़े की तैयारी, रांची में हुई प्रदेश स्तरीय कार्यशाला !
रांची : झारखंड भाजपा ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ और ‘जनजातीय गौरव पखवाड़ा’ के रूप में भव्य स्तर पर मनाने का संकल्प लिया है। रांची में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के तमाम बड़े नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में राजधानी रांची के डीबडीह स्थित कार्निवल बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस (15 नवंबर) और जनजातीय गौरव पखवाड़े को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने की।
पार्टी का मुख्य उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा समेत तमाम जनजातीय महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु और नेताओं के विचार
आदित्य साहू (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष): भाजपा राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस को एक व्यापक पखवाड़े के रूप में मना रही है। प्रदेश से लेकर पंचायत स्तर तक पार्टी का हर कार्यकर्ता इसे सफल बनाने में जुटेगा। जनजातीय समाज का सम्मान, स्वाभिमान और अधिकार भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बाबूलाल मरांडी (नेता प्रतिपक्ष): झारखंड भगवान बिरसा मुंडा की जन्मभूमि और जनजातीय आंदोलनों की ऐतिहासिक धरती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2021 में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित किया जाना जनजातीय समाज के योगदान को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।
अर्जुन मुंडा (पूर्व मुख्यमंत्री): सिदो-कान्हू, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और जतरा टाना भगत जैसे महान नायकों के संघर्ष को उचित सम्मान पीएम मोदी के कार्यकाल में मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और एकलव्य विद्यालयों जैसी केंद्र सरकार की कल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया।
मधु कोड़ा (पूर्व मुख्यमंत्री): देश की आजादी और सामाजिक परिवर्तन में जनजातीय समाज की ऐतिहासिक भूमिका को सामने लाना आज की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली इतिहास को जानने और आगे आने की अपील की।
समीर उरांव (एसटी मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सह संयोजक): जनजातीय गौरव पखवाड़ा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के सम्मान और संस्कृति को घर-घर पहुंचाने का एक महाअभियान है। एसटी मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव और टोला-टोला तक पहुंचेंगे।
पवन साय (प्रदेश संगठन मंत्री): प्रदेश से लेकर जिला, मंडल और पंचायत स्तर तक विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिसमें कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
संजय सेठ (केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री): भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलते हुए एक विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त जनजातीय समाज का निर्माण करना ही भाजपा का मुख्य संकल्प है।
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस कार्यशाला में सुदर्शन भगत, सुनील सोरन, गीता कोड़ा, मनोज सिंह, अमर बाउरी, रामकुमार पाहन, शिवशंकर उरांव, रोशनी खलखो, अशोक बड़ाईक, कोचे मुंडा, संजय सरदार, अनिता मुर्मू समेत कई पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और एसटी मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।