Home » SIR पर झूठ फैलाकर लोकतंत्र को बदनाम कर रहा विपक्ष: डॉ. सुकांत मजूमदार का कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला !
SIR पर झूठ और भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को बदनाम कर रहा विपक्ष: डॉ. सुकांत मजूमदार !
रांची: केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर देशभर में झूठ, भ्रम और अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी, टीएमसी, लेफ्ट और झामुमो जैसी पार्टियां संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश कर रही हैं।
11 सालों में 56 चुनाव हार चुकी है कांग्रेस
डॉ. मजूमदार ने कहा कि विपक्ष बिना किसी प्रमाण के चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “वर्ष 2014 से 2025 तक कांग्रेस 56 बार चुनाव हार चुकी है। ऐसा लगता है कि कांग्रेस ‘अब तक 56’ फिल्म से प्रेरित होकर हार का नया रिकॉर्ड बनाने में जुटी है। पहले वे हारने पर ईवीएम (EVM) को दोष देते थे, अब उन्हें SIR के रूप में नया बहाना मिल गया है।”
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन छोड़कर विदेश घूमने से चुनाव नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए जनता का दिल जीतना पड़ता है।
देश में 12वीं बार हो रही है SIR की प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि देश में SIR की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है, बल्कि यह 12वीं बार आयोजित की जा रही है। इनमें से 10 बार यह प्रक्रिया खुद कांग्रेस के शासनकाल में हुई है।
विपक्ष द्वारा 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों का जवाब देते हुए डॉ. मजूमदार ने आंकड़े साझा किए:
2.8 करोड़: मृत मतदाता
6.3 करोड़: स्थान बदलकर दूसरी जगह बसे मतदाता
लगभग 1 करोड़: डुप्लीकेट (दोहरे) नाम
उन्होंने कहा कि विपक्ष नाम हटने के इन वास्तविक कारणों को छिपाकर केवल आंकड़े बताकर जनता को गुमराह कर रहा है। मृत मतदाताओं को छोड़कर अन्य सभी को नोटिस भेजे गए हैं और बीएलओ (BLO) ने तीन-तीन बार घर जाकर पुष्टि की है। इस प्रक्रिया में सभी दलों के करीब 20 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी शामिल थे।
‘वोट चोरी की फीलिंग’ वाला बयान बचकाना
राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मजूमदार ने कहा कि जब मीडिया राहुल गांधी से वोट चोरी के प्रमाण मांगती है, तो उनका जवाब होता है कि उन्हें ‘ऐसी फीलिंग आ रही है’। देश के इतने बड़े विपक्षी नेता का ऐसा बयान बेहद बचकाना और शर्मनाक है। विपक्ष इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गया था, लेकिन वहां से भी उसे निराशा ही हाथ लगी।
सड़कों पर अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल नहीं हो सकती
डॉ. मजूमदार ने विपक्ष पर दिल्ली में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए 20 जुलाई की घटना का जिक्र किया, जिसमें 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि सड़कों पर हंगामा करके या ध्रुव राठी जैसे लोगों को आगे करके लोकतंत्र को कमजोर नहीं किया जा सकता। भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता केवल लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया से होकर जाता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में भी देश की जनता विपक्ष को नकार कर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाएगी।
संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।